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ताजनगरी के उद्यमियों ने बढ़ाए कैश-लैस प्रणाली की ओर कदम

शहर की जूता निर्यातक इकाई ने बांटा माइक्रो एटीएम से वेतन

आगरा। नोटबंदी के बाद पहली बार ताजनगरी में व्यापारियों व उद्यमियों द्वारा नगदी के विकल्पों को प्रयोग करते देखा जा रहा है। ताजनगरी में बड़ी संख्या में जूता निर्माता इकाईयां कार्य करती हैं। यहां से विश्व के कई देशों में जूता का निर्यात होता है और इन इकाईयों में काम करने वालों मजदूरी की भी अच्छी संख्या है। नोटबंदी के बाद बैंकों की लाइन और नगदी की समस्या के आगरा के व्यापारियों के सामने मजदूरों को वेतन देने में आ रही समस्या का व्यापारियों ने समाधान निकालते हुए केंद्र सरकार की कैशलेस योजना को अपनी सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है।

नोटबंदी के बाद लोगों को सैलरी लेने-देने की समस्या की आशंका पहले से ही थी। जूता कारीगर व फैक्ट्री संचालक दोनों के चेहरे पर परेशानियां फिलहाल समाप्त हो गई हैं। ओम एक्सपोर्ट ने कैशलेस के सिद्धांत को अपनाते हुए माइक्रो एटीएम से सैलरी बांटी गई। सैलरी में मिले नए नोटों से मजदूरों में खुशी देखी गई। वहीं, फैक्ट्री मालिक ने भी चैन की सांस ली। ओम एक्सपोर्ट के रवि सहगल ने बताया कि हमें सप्ताह में एक बार कारीगरों को सैलरी देनी होती है। नोटबंदी के बाद समस्या होने पर हमने पहले बिग बाजार और बेस्ट प्राइस से 1-1 हजार रुपए के कूपन मंगवाए। वह कूपन कारीगरों को दिए गए, लेकिन वहां ब्रांडेड प्रोडक्ट ही मिलने के कारण कारीगरों को खरीदने में असुविधा हुई। बाद में हमने फैक्ट्री में ही एक परचून की दुकान शुरू की। यहां भी एक किलो के पैकेट में सामान उपलब्ध होने के कारण समस्याएं मजदूरों को आईं।

बैंक ऑफ इंडिया ने सुझाया रास्ता
कंपनी ने मजदूरों के वेतन देने में आ रहीं समस्याओं के निदान के लिए बैंक ऑफ इंडिया से संपर्क किया। वहां से उन्हें माइक्रो एटीएम से सैलरी देने का रास्ता सुझाया। बैंक ऑफ इंडिया ने सैलरी पेमेंट के लिए माइक्रो एटीएम की सुविधा शुरू की है।
जानें माइक्रो एटीएम
माइक्रो बिल्कुल स्वाइप मशीन की तरह है। यह लैपटॉप से अटैच होकर काम करती है। वेतन देने से पहले बैंक में पैसे जमा करने होते हैं। इसके बाद बैंक वेतन की रकम खातों में भेज देता है। निर्धारित समय पर बैंककर्मी माइक्रो एटीएम लेकर आते हैं। वहां कर्मचारी मशीन में अपना एटीएम स्वाइप कर अंगूठे का निशान मशीन पर देता है। जहां एटीएम की उपलब्धता नहीं है वहां बैंक के कर्मचारी प्वॉइंट ऑफ सेल मशीन लेकर माइक्रो एटीएम सर्विस देते हैं। मौजूदा दौर में यह कई समस्याओं का समाधान है।



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