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कभी था उद्यान, अब है भव्य राममंदिर

कभी था उद्यान, अब है भव्य राममंदिर

जयपुर से आईं हैं श्रीराम-जानकी की प्रतिमाएं


शहर के मध्य फालकाबाजार में स्थित श्रीराम मंदिर के पुजारी की मानें तो कभी यहां उद्यान हुआ करता था जिसमें छोटा सा मंदिर था लेकिन बाद में इसका जीर्णोद्धार कराने के साथ ही यहां जयपुर से श्रीराम जानकी की प्रतिमाएं लाकर स्थापित करने के साथ ही इसे भव्य रूप दे दिया गया।



प्रशांत शर्मा/ग्वालियर।
शहर के फालका बाजार में जहां आज श्रीराम जानकी का भव्य मंदिर है वहां कभी उद्यान हुआ करता था। यहां पर उस समय छोटा सा मंदिर था। इसके बाद श्री ग्वालियर वालान अग्रवाल पंचायत ने भक्तों की श्रद्धा को देखते हुए इस मंदिर का जीर्णोद्वार कराया। इसके लिए विक्रम सम्बत 2010 (सन् 1953) में जयपुर से श्रीराम-जानकी की भव्य प्रतिमाएं यहां लाकर स्थापित की गईं। मंदिर में रामनवमी हर वर्ष धूमधाम से मनाई जाती है।

शहर में यूं तो कई प्राचीन धर्मस्थल हैं। लेकिन राम मंदिर की महिमा ही अपरम्पार है। यहां प्रत्येक गुरूवार व रविवार को भक्तों की भारी भीड़ रहती है। मंदिर के पुजारी प्रेम नारायण चतुर्वेदी ने बताया कि विवाह से पहले लडक़ा-लडक़ी मंदिर परिसर में एक-दूसरे को पसंद कर यदि मंदिर में स्थापित राम-जानकी की प्रतिमा के सामने अंगूठी पहनाकर सगाई करें तो ऐसा रिश्ता जीवनभर सुखपूर्वक चलता है और कोई दरार नहीं आती और उनकी जोड़ी राम-सीता जैसी आदर्श बनी रहती है।


दो अनार चढ़ाने से होती है मनोकामना पूर्ण

बताया जाता है कि मंदिर में राम जानकी से जो भी भक्त सच्चे मन से मुराद मांगता है, उसकी सभी मुरादें पूरी होती हैं। यहां पर भक्त दो अनार चढ़ाकर भगवान से अपनी मनोकामना मांगते है और जब भक्तों की मुराद पूरी हो जाती है तो भक्त यहां आकर भगवान-राम जानकी को पोशक पहनाते हंै।

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