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लोकप्रिय राजनेता, कुशल प्रशासक व गरीबों के मसीहा थे पटवा जी

पूर्व मुख्यमंत्री के निधन पर राज्यपाल सहित राजनेताओं ने व्यक्त कीं शोक संवेदनाएं

भोपाल। पूर्व मुख्यमंत्री सुंदरलाल पटवा के निधन पर राज्यपाल ओम प्रकाश कोहली सहित राजनेताओं ने शोक व्यक्त किया किया है। श्री कोहली ने अपने शोक संदेश में कहा कि श्री पटवा के निधन से प्रदेश को अपूरणीय क्षति हुई है। वे प्रदेश और देश के महान और लोकप्रिय राजनेता, कुशल प्रशासक, गरीबों और किसानों के हितैषी थे। श्री कोहली ने दिवंगत आत्मा की शांति तथा शोकाकुल परिजनों को यह दु:ख सहन करने की शक्ति देने की ईश्वर से कामना की है। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीतासरन शर्मा ने श्री पटवा के निधन पर दु:ख व्यक्त करते हुए उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की। परमात्मा से विनती की, कि दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें, तथा शोक संतप्त परिजनों को दु:ख सहन करने की शक्ति दे।

जनसंपर्क, जल संसाधन तथा संसदीय कार्य मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने श्री पटवा के अवसान पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि श्री पटवा जी के अवसान से एक युग का अंत हो गया है। उन्होंने कहा कि स्व. श्री सुंदरलाल जी पटवा ने राजनीति को सेवा का माध्यम बनाया।

वाणिज्य-उद्योग मंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने श्री पटवा के निधन पर गहन शोक व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदेश ने अपनी एक अलग पहचान तथा गम्भीर कार्य-शैली का महान नेता खो दिया है। सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) विश्वास सारंग ने पूर्व मुख्यमंत्री श्री पटवा के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। राज्य मंत्री ने कहा कि श्री पटवा का निधन उनके लिए व्यक्तिगत क्षति है। वे मार्गदर्शक थे। पीएचई एवं जेल मंत्री सुश्री कुसुम महदेले ने भूतपूर्व मुख्यमंत्री श्री पटवा के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए श्रद्धांजलि दी है। सुश्री कुसुम महदेले ने कहा कि श्री पटवा प्रशासनिक क्षमता के धनी कर्मठ, निष्ठावान राजनेता थे।

मंत्रि परिषद के सदस्यों ने व्यक्त की संवेदनाएं
पूर्व मुख्यमंत्री श्री सुंदरलाल पटवा के निधन पर राज्य मंत्रि-परिषद के सदस्यों ने शोक व्यक्त किया है। मत्रि-परिषद के सदस्यों ने अपने संदेश में कहा है कि स्व. श्री पटवा ने मुख्यमंत्री के रूप में राजनैतिक सामंजस्य के साथ मध्यप्रदेश को विकास के मामले में देश भर में विशिष्ट पहचान दिलायी। वित्त मंत्री जयंत मलैया, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री गोपाल भार्गव, वन मंत्री डॉ. गौरीशंकर शेजवार, स्कूल शिक्षा मंत्री कुंवर विजयशाह, लोक स्वास्थ्य एवं परीवार कल्याण मंत्री रुस्तम सिंह, खाद्य नागरिक आपूर्ति मंत्री ओमप्रकाश धुर्वे, राजस्व मंत्री उमाशंकर गुप्ता, महिला-बाल विकास मंत्री अर्चना चिटनिस, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया, ऊर्जा मंत्री पारसचन्द जैन, पशुपालन मंत्री, किसान-कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री गौरीशंकर बिसेन, पशुपालन मंत्री अन्तर सिंह आर्य, लोक निर्माण मंत्री रामपाल सिंह, आदिम जाति कल्याण मंत्री ज्ञान सिंह, गृह मंत्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर, उच्च शिक्षा मंत्री जयभान सिंह पवैया ने स्व. श्री पटवा के निधन को राजनीति के क्षेत्र में अपूरणीय क्षति बताया है।

राज्यमंत्री तकनीकी शिक्षा दीपक जोशी, नर्मदाघाटी विकास राज्य मंत्री लाल सिंह आर्य, चिकित्सा शिक्षा राज्य मंत्री शरद जैन, आयुष, नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा राज्यमंत्री हर्ष सिंह, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम राज्य मंत्री संजय-सत्येन्द्र पाठक, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री ललिता यादव, उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण राज्यमंत्री सूर्यप्रकाश मीना ने भी पूर्व मुख्यमंत्री सुन्दरलाल पटवा के निधन पर शोक व्यक्त किया है। मंत्रि-परिषद के सदस्यों ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की है।

पूर्व मुख्यमंत्री कैलाश जोशी ने कहा कि उनके दुखद निधन से मेरा मन आहत हुआ है। श्री पटवा जी ने अनुसूचित जाति, वनवासियों, ग्रामीणों, किसानों एवं मजदूरों तथा समाज के गरीब तबकों के विकास के लिए निरंतर कार्य किए। वह सदैव राजनीति में याद किये जाएंगे। भाजपा के प्रदेश प्रभारी डॉ. विनय सहस्त्रबुद्धे ने कहा कि श्री सुंदरलाल पटवा संगठन कौशल के धनी थे, जिन्होंने पार्टी को सींचकर आगे बढ़ाया। उनके निधन से पार्टी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं को जो वज्रपात हुआ है वह असहनीय है। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने श्री पटवा जी के असामयिक निधन पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि श्री सुन्दरलाल पटवा जी ने भारतीय संस्कृति, मानवीय मूल्यों, सामाजिक मर्यादाओं के रुझान के कारण राजनीति को एक नया आयाम दिया। वह राजनीति के पुरोधा थे।

कैलाश नारायण सारंग ने कहा कि श्री सुन्दरलाल पटवा का निधन एक युग का अंत है। उनका प्रशासन सबसे अच्छा माना जाता था। हम वर्षों तक साथ रहे। मन, मस्तिष्क से चुस्त-दुरुस्त थे। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष नंदकुमार सिंह चौहान ने कहा कि श्री सुंदरलाल पटवा 92 साल की उम्र में भी अपनी सक्रियता से पार्टी कार्यकर्ताओं को यह अहसास कराते रहे कि सेवा की कोई उम्र नहीं होती।
प्रदेश संगठन महामंत्री सुहास भगत ने कहा कि श्री पटवा जी के असामयिक निधन से अपूरणीय क्षति हुई है। वह स्वयंसेवक संघ के प्रचारक रहे, उनके उच्च आदर्श सभी के लिए प्रेरणादायक हैं। श्री पटवा जी के आंदोलनों के फलस्वरूप पार्टी को एक व्यापक जनाधार प्राप्त हुआ।

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