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तानसेन समारोह में होगा सुरों का संंगम

तानसेन समारोह में होगा सुरों का संंगम

पांच दिन चलेगा उत्सव,देशी-विदेशी कलाकार देंगे प्रस्तुति

ग्वालियर। संगीत सम्राट तानसेन की स्मृति में आयोजित तानसेन समारोह का शुभारंभ शुक्रवार की शाम 7 बजे हजीरा स्थित तानसेन समाधि परिसर स्थल में परंपरा के अनुसार होगा। संगीत के इस महाकुंभ में देशी विदेशी कलाकार गायन वादन के साथ सुर सम्राट को स्वरांजलि अर्पित करेंगे। राज्य शासन के संस्कृति विभाग के अंतर्गत उस्ताद अलाउद्दीन खां संगीत एवं कला अकादमी और मध्यप्रदेश संस्कृति परिषद द्वारा आयोजित राष्ट्रीय तानसेन अलंकरण समारोह एवं शुभारंभ समारोह इस दिन सायंकाल 7 बजे हजीरा स्थित तानसेन समाधि परिसर में आयोजित किया जाएगा। तानसेन समाधि परिसर को सास-बहू सहस्त्रबाहू मंदिर की थीम पर दुल्हन की तरह सजाया गया है। समारोह में पं. सज्जनलाल भट्ट की पुस्तक ‘दुलर्भ धु्रपद’ का विमोचन भी किया जाएगा।

इस बार के तानसेन संगीत समारोह में दो राष्ट्रीय तानसेन अलंकरण प्रदान किए जाएंगे। ग्वालियर घराने के गायक पण्डित लक्ष्मण कृष्णराव पण्डित को वर्ष 2015-16 एवं नाथद्वारा घराने के सुविख्यात पखावज वादक पण्डित डालचंद शर्मा नई दिल्ली को वर्ष 2016-17 के राष्ट्रीय तानसेन अलंकरण से विभूषित किया जाएगा। इन दोनों मूर्धन्य साधकों को सम्मान स्वरूप दो-दो लाख रूपए की सम्मान राशि, सम्मान पट्टिका एवं शॉल, श्रीफल भेंट किए जाएंगे। अभी तक इस सम्मान से 46 मूर्धन्य संगीत कलाकार सम्मानित हो चुके हैं। शुक्रवार को प्रात: 9.30 बजे तानसेन की समाधि पर पारंपरिक रूप से हरिकथा व मीलाद का गायन होगा। राष्ट्रीय तानसेन अलंकरण समारोह केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर, प्रदेश की नगरीय विकास मंत्री माया सिंह, उच्च शिक्षा मंत्री जयभान सिंह पवैया तथा संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री सुरेन्द्र पटवा के आतिथ्य में आयोजित होगा। समारोह में सांसद प्रभात झा, महापौर विवेक नारायण शेजवलकर, विधायकगण नारायण सिंह कुशवाह, भारत सिंह कुशवाह, लाखन सिंह यादव, इमरती देवी तथा जिला पंचायत अध्यक्ष मनीषा भुजवल सिंह यादव को भी बतौर अतिथि आमंत्रित किया गया है।

प्रथम संगीत सभा में इनकी होगी प्रस्तुति
पहली संगीत सभा में तानसेन अलंकरण से विभूषित होने जा रहे पं.लक्ष्मण कृष्णराव पण्डित का गायन एवं पं. डालचंद शर्मा का पखावज वादन प्रमुख आकर्षण होंगे। इस सभा में व्यंकटेश कुमार धारवाड़ का गायन भी होगा। पहली सभा का आगाज शासकीय माधव संगीत महाविद्यालय ग्वालियर द्वारा प्रस्तुत धु्रपद गायन से होगा।

पहले दिन होंगे ये कार्यक्रम
प्रात: काल में हरिकथा व मीलाद का गायन समारोह के शुभारंभ दिवस 16 दिसम्बर को प्रात: काल 9.30 बजे तानसेन की समाधि पर पारंपरिक ढंग से हरिकथा व मीलाद का गायन होगा।

विदेशी संगीत साधक देंगे प्रस्तुतियां
तानसेन संगीत समारोह में अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त विदेशी संगीत साधक प्रस्तुतियां देंगे। इनमें नार्वे, ईराक, इजराइल, बेल्जियम एवं स्विट्जरलैण्ड आदि देशों के स्थापित कलाकार शामिल हैं। कुल 9 संगीत सभाएं होंगी
*इस बार समारोह में कुल 9 संगीत सभाएं होंगी।
* पहली 7 संगीत सभाएं सुर सम्राट तानसेन की समाधि एवं मोहम्मद गौस के मकबरा परिसर में सजेंगीं।
*समारोह की आठवीं सभा सुर सम्राट तानसेन की जन्मस्थली बेहट में झिलमिल नदी के किनारे सजेगी।
* समारोह की आखिरी संगीत सभा 20 दिसम्बर को सायंकाल गूजरी महल में आयोजित होगी।
*तानसेन समारोह पर छायाचित्रों की प्रदर्शनी समारोह स्थल पर 16 से 19 दिसम्बर तक लगाई जाएगी।
*तानसेन समारोह के दौरान शासकीय ललितकला महाविद्यालय में रंग संभावना शीर्षक से प्रदर्शनी 16 से 20 दिसम्बर तक

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