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लक्ष्य की ओर अग्रसर हंै मोदी

लक्ष्य की ओर अग्रसर हंै मोदी


भ्रष्टाचार मुक्त और विकास के पथ पर देश को ले जाने के लक्ष्य के साथ अपने दायित्व का निर्वहन प्र्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कर रहे हैं। इस निस्वार्थ लक्ष्य को पूर्ण करने में उनके सामने तमाम लोग अड़ंगे भी डाल रहे हैं। लेकिन वे इन सब बाधाओं को नजरअंदाज करते हुए तीव्र गति से अपने लक्ष्य की ओर अग्रसर होते जा रहे हैं। संकल्प को पूरा करने के लिए संकट और चुनौतियों का दृढ़ता से सामना करने वाला नेतृत्व ही सफल होता है और उन्हीं का नाम इतिहास में दर्ज होता है। आजादी के बाद का घटनाक्रम हमें सबक एवं प्रेरणा देता है। भारत को एक इकाई का स्वरूप देने में जिस दृढ़ता के साथ सरदार पटेल ने काम किया, तो हम उस समय के प्रधानमंत्री पं. नेहरू के बजाय सरदार पटेल का स्मरण श्रद्धा भाव से करते हुए उनके जीवन से प्रेरणा प्राप्त करते हैं। सरदार पटेल ने हैदराबाद, भोपाल एवं जूनागढ़ के नवाबों के विरोध की परवाह किए बिना ताकत से दबाकर उन्हें भारत में शामिल किया।

उनकी इच्छाशक्ति को प्रधानमंत्री भी रोक नहीं सके। उसके बाद के नेतृत्व में इंदिराजी को हम पाकिस्तान के टुकड़े करने के निर्णय के लिए याद करते हैं। शेष नेतृत्व की लचीली और दबाव के आगे झुकने की नीतियों के कारण समस्या पैदा करने वाला ही कहा जाएगा। अब भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी हैं, उन्होंने देश के लिए जीने के संकल्प के साथ अपने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत की। चाहे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक का दायित्व हो या राजनीतिक जीवन की चुनौतियां हों, इन कार्यों में देश को महान बनाने का ध्येय पथ रहा है। उनके लिए दल से बड़ा देश है। इसलिए चाहे कितना ही प्रबल विरोध हो, लेकिन वे देश हित के संकल्प से पीछे नहीं हट सकते। उन्हें न कोई डिगा सकता है और न कोई झुका सकता है। चाहे पाकिस्तान के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक हो या नोटबंदी का निर्णय हो। नोटबंदी के निर्णय का चाहे जनता समर्थन करे, लेकिन संसद में विपक्ष हो-हल्ला करते हुए विरोध कर रहा है।

भाजपा विरोधी दल के 200 सांसदों ने सडक़ों पर मानव शृंखला बनाकर विरोध दर्ज किया। जनता को यह समझ में नहीं आ रहा है कि यह विरोध कालेधन, भ्रष्टाचार के पक्ष में है या जनता को हो रही असुविधा के विरोध में हैै। जनता तो नोटबंदी के निर्णय पर प्रसन्न है और असुविधा को झेलते हुए भी वह इस निर्णय की चहुंओर प्रशंसा कर रही है। श्री मोदी के संकल्प के साथ जनता खड़ी है, लेकिन विपक्ष को राजनीतिक नौटंकी करना है। उपचुनाव के परिणाम ने भी बता दिया कि जनता मोदी सरकार की नीतियों के पक्ष में है। जन-बल के बिना न कोई विरोध सफल हो सकता है, न उसे समर्थन मिलता है। प्रधानमंत्री मोदी को जो जनसमर्थन मिला है उसके साथ वह न्याय करने के लिए प्रतिबद्ध हंै, ऐसा उनका संकल्प है और इसी अपने आत्म संकल्प के साथ वे देश को प्रगति की ओर ले जा रहे हंै।


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