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हॉकर्स जोन सूने, बाजारों में फुटपाथियों का कब्जा

हॉकर्स जोन सूने, बाजारों में फुटपाथियों का कब्जा






ग्वालियर, वरिष्ठ संवाददाता। ठेलेवालों और फुटपाथी दुकानदारों के लिए शहर के विभिन्न स्थानों पर नगर निगम द्वारा बनाए गए हॉकर्स जोन सूने पड़े हैं। जिन लोगों के लिए यह बनाए गए हैं उनका कहना है कि हॉकर्स जोन में लोग खरीदारी के लिए नहीं पहुंचते इसलिए वह अपनी दुकानें लेकर वहां नहीं जाएंगे। यह स्थिति निगम,पुलिस और यातायात पुलिस के लिए सिरदर्द बनती जा रही है। इसके पीछे सबसे बड़ा कारण इन विभागों के मैदानी अमले की सांठगांठ है जिसके चलते ठेले फुटपाथी दुकानदारों के हौंसले बुलंदी पर हैं और सबकुछ भगवान भरोसे चल रहा है।

उल्लेखनीय है कि शहर के बाजारों और मुख्य मार्गों पर रास्ता रोक कर खड़े होने वाले ठेले और खोमचे वालों के कारण शहर की यातायात व्यवस्था लगभग ध्वस्त हो गई है। इससे लगने वाले जाम के कारण सडक़ों पर चलने में भी लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।

दीपावली पर बढ़ी परेशानी

इधर दीपावली का त्योहार नजदीक आने से इस समस्या ने और भी विकराल रूप ले लिया है प्रमुख बाजारों, मार्गों और चौराहों पर ठेलेवालों के साथ रास्ता घेरकर फुटपाथ पर दुकान सजाने वालों ने यह समस्या और भी बढ़ा दी है। स्थिति यह है कि खरीदारी के लिए निकलने वाले लोगों को अधिकतर जाम का सामना करना पड़ता है। जिन मार्गों पर अधिक परेशानी है उनमें महाराजबाड़ा, कम्पू, सदर बाजार मुरार,हजीरा चौराहा, किलागेट चौराहा, थाटीपुर चौराहा आदि प्रमुख हैं।

15 से अधिक स्थानों पर बने हैं हॉकर्स जोन

शहर की यातायात व्यवस्था में सुधार के लिए ठेले और फुटपाथी दुकानदारों के लिए नगर निगम ने शहर के 15 से अधिक स्थानों पर हॉकर्स जोन बनाए हैं। लेकिन लाखों रुपए खर्च करने के बाद भी प्रशासनिक इच्छाशक्ति की कमी और निगम के मैदानी अमले व पुलिसकर्मियों की मिलीभगत के चलते यह व्यवस्था तमाम कोशिशों के बाद भी लगभग दम तोड़ चुकी है। स्थिति यह है कि यदि एक दो को छोड़ दिया जाए तो अधिकतर हॉकर्स जोन सूने पड़े रहते हैं।

हजीरे पर कार्रवाई

मुख्य चौराहों, बाजारों और मार्गों पर पर ठेले लगाने वालों से निपटने के लिए निगम और पुलिस द्वारा संयुक्त रूप से हजीरा क्षेत्र में शुरू की गई कार्रवाई भी तीन दिन बाद बेअसर दिखाई देने लगी है। आज चौथे दिन टीम पहुंचने से पहले कई ठेले वाले अपने स्थानों पर आने लगे थे। हालांकि बाद में टीम के पहुंचने पर यह लोग वहां से निकल गए लेकिन यह असर कितने दिन रहेगा यह नहीं कहा जा सकता।

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