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अजा वर्ग के मेधावी छात्रों को मिले टेब

खूब पढ़ें....सरकार उठायेगी खर्चा: मुख्यमंत्री

भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अनुसूचित जाति-जनजाति और विशेष पिछड़ी जनजाति के प्रतिभावान विद्यार्थियों का आव्हान किया कि वे खूब पढ़े, आगे बढ़ें और सफलता की नई ऊंचाईयां छुएं। श्री चौहान आज यहाँ अपने निवास पर 16वें नेतृत्व विकास शिविर प्रतिभागी अनुसूचित जनजाति के प्रतिभावान विद्यार्थियों को संबोधित कर रहे थे।
उल्लेखनीय है कि अनूसूचित वर्ग के हर जिले के प्रतिभावान बच्चों में नेतृत्व विकास के गुण और दृष्टिकोण विकसित करने के उद्देश्य से हर साल आदिम जाति कल्याण विभाग द्वारा नेतृत्व विकास शिविर किया जाता है। मुख्यमंत्री ने प्रतिभावान विदयर्थियों को शैक्षणिक उपयोग के लिये टेब, पुरस्कार की नगद राशि और ट्राफी प्रदान कर सम्मानित किया। श्री चौहान ने विद्यार्थियों को स्वामी विवेकानंद का उदाहरण देते हुए कहा कि यह समय अपने स्वयं को ज्ञान से समृद्ध करने का है। राज्य सरकार पढ़ाई में आने वाली हर प्रकार की बाधा दूर करने के लिये प्रतिबद्ध है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे सिर्फ पढ़ाई पर ध्यान दें। पढ़ाई का हर खर्चा राज्य सरकार उठायेगी। किसी भी प्रकार की समस्या आये तो सूचना दें, तत्काल उसका समाधान होगा।
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से कहा कि जीवन में हमेशा सकारात्मक दृष्टिकोण अपनायें। हर बड़ा कार्य मनुष्य ने ही किया है। चाहे वह चंद्रमा को छूने या हवाई जहाज उड़ाने का काम हो। उन्होंने कहा कि लगन और मेहनत के आगे कुछ भी असंभव नहीं है। जो जैसा सोचता है और करता है वह वैसा ही बन जाता है। उन्होंने कहा कि जब संकल्प होता है तो प्रकृति भी संकल्प पूरा करने की शक्ति देती है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि अभी वे सिर्फ परीक्षा में प्रथम आये हैं लेकिन भविष्य में हर क्षेत्र में आगे रहने का संकल्प लें। हर विद्यार्थी अनूठा और ऊर्जावान है। सिर्फ लक्ष्य और दिशा तय करने की देर है।
मुख्यमंत्री ने माध्यमिक शिक्षा मण्डल की बोर्ड परीक्षा वर्ष 2015 में सर्वोच्च अंक पाने वाले कक्षा 10वीं और 12वीं में अनुसूचित-जनजाति के 12 विद्यार्थियों को शंकर शाह और रानी दुर्गावती पुरस्कार से राज्य स्तरीय नेतृत्व विकास शिविर में पुरस्कृत किया। कक्षा 10वीं की बोर्ड परीक्षा में सर्वोच्च अंक पाने वाले सीधी के सुधाकर सिंह गौड़ ने प्रथम, बुरहानपुर के कैलाश को द्वितीय और बड़वानी के अजय तरोले को तृतीय पुरस्कार और कक्षा 12वीं की बोर्ड की परीक्षा में सर्वोच्च अंक पाने वाले भोपाल के प्रभाकर सिंह को प्रथम, डिण्डोरी के अभिषेक टेकाम को द्वितीय और सिवनी के मुकुंद टेकाम को तृतीय शंकर शाह पुरस्कार के लिये पुरस्कृत किया गया। इन छात्रों को 51, 31 और 21 हजार रुपये का शंकर शाह पुरस्कार दिया गया।
इसी तरह कक्षा 10वीं की बोर्ड परीक्षा में सर्वोच्च अंक पाने वाली छात्राओं में छिन्दवाड़ा की कु. स्वाति धुर्वे प्रथम, सीहोर की कु. शिवांगी सरयाम को द्वितीय और बड़वानी की कु. नेहा पटेल को तृतीय रानी दुर्गावती पुरस्कार के लिये पुरस्कृत किया गया। कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षा में शाजापुर की श्रीबाला भिलाला, बड़वानी की ममता चौहान द्वितीय और भोपाल की शिवानी चौहान को तृतीय रानी दुर्गावती पुरस्कार के लिये पुरस्कृत किया गया। इन छात्राओं को 51, 31 और 21 हजार रुपये का पुरस्कार दिया गया। उक्त अवसर पर प्रमुख सचिव आदिम जाति कल्याण अशोक शाह, आयुक्त अनुसूचित जाति कल्याण शोभित जैन एवं आयुक्त अनुसूचित जनजाति कल्याण संजीव झा उपस्थित थे। आदिम जाति कल्याण मंत्री ज्ञान सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में अनुसूचित वर्गों की उच्च-स्तरीय कोचिंग दिल्ली में हो रही है और राज्य सरकार कोचिंग का पूरा खर्चा उठा रही है।

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