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अपराधियों को भेजा जाएगा जेल : एसएसपी

जनता व पुलिस के तालमेल पर अपराध पर लगेगा अंकुश
नये एसएसपी सुभाषचन्द्र दुबे ने संभाला कार्यभार

झांसी। बढ़ते अपराधों पर अंकुश लगाया जाएगा व अपराधियों को जेल भेजा जाएगा। जनता की समस्या को दूर करने के लिए उनकी समस्याओं को सुना जाएगा व तत्काल कार्यवाही की जाएगी। जनता व पुलिस के साथ एकता का व्यवहार होगा। थाने में आयीं शिकायतों का निस्तारण एक हफ्ते के अंदर किया जाएगा।
नवागन्तुक वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सुभाष चंद्र दुबे ने जानकारी देते हुये बताया कि शहर में अपराध व अपराधियों पर सख्ती से कार्यवाही की जाएगी। थानों में आ रहीं शिकायतों का भी निस्तारण होगा और जो पूर्व में जनता द्वारा की गई शिकायतें बंद पड़ी हैं उनका भी निस्तारण किया जाएगा। शहर के प्रत्येक चौराहों व क्षेत्रों में जनता की सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस निरंतर तैनात रहेगी व पुलिस का पहरा क्षेत्रों में रहेगा। त्यौहारों पर भी शांति बनाये रखने के लिए पुलिस व्यवस्था चौकस रहेगी। अपराध व अपराधियों पर सख्ती से कार्यवाही करते हुये प्रत्येक थाने में दर्ज मुकदमों पर कार्यवाही की जाएगी। बताया कि 2005 बैच के आईपीएस सुभाष चंद्र दुबे मूलत: सुल्तानपुर जिले के रहने वाले हैं। इससे पहले वह लखनऊ में एटीएस में तैनात थे। उससे पहले कन्नौज, श्रावस्ती, हाथरस, आगरा, रमाबाईनगर, सोनभद्र, इलाहाबाद, मुजफ्फरनगर, भदोई जिले में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। पत्रकारों से चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि शासन की प्राथमिकता के अनुसार कार्य किया जाएगा। अपराध पर पूरी तरह नियंत्रण करने के लिए विशेष निर्देश देकर रणनीति तैयार की जाएगी। अपराधियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। वांछित अपराधियों की लिस्ट तैयार कर गिरफ्तारी की जाएगी और जेल भेजा जाएगा। अपराधी खुले में नहीं रहेगाए उसका स्थान जेल है। उन्होंने बताया कि एटीएस सोनभद्र में रहते हुए पांच लाख के ईनामी नकसली बदमाश मुन्ना विश्वकर्मा तीन लाख रूपए के नक्सी ईनामी लालखुर्द व दो लाख के ईनामी अजीत को गिरफ्तार किया था। उन्होंने कहा कि थाने वाले फरियादियों के साथ पुलिसकर्मी विनम्रता से पेश आए। पुलिस द्वारा थानों में सुनवाई न किए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि यदि फरियादी शिकायत लेकर उनके पास आता है तो उसकी जांच कराई जाएगीए कि थाने पर कार्रवाई क्यों नहीं की गई।
इसके बाद यदि जांच में थानेदार दोषी पाया तो फिर फरियादी तो उस पर कार्रवाई की जाएगी। कथनी और करनी में कोई अंतर नहीं रहेगा। कहने में कम और करने में ज्यादा विश्वास है। काम करने वाले थानेदारों का मनोबल बढ़ाया जाएगा। यदि जो थानेदार काम में लापरवाही करते पाया गया तो उस के खिलाफ स्थानांतरण की नहीं बल्कि निलंबन की कार्रवाई की जाएगी। मीडिया द्वारा जानकारी मिलने पर उक्त मामले को गंभीरता से लिया जाएगा व कार्यवाही की जाएगी।

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