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कराहल में लगेंगे केसरी आम और इलाहाबादी अमरूद

विकासखण्ड के 26 ग्रामों में 4०4 किसान लगा रहे हैं बगीचे


श्योपुर। जिले के आदिवासी विकासखण्ड कराहल में किसानों को संवहनीय आजीविका उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आम एवं अमरूद के बगीचे लगाने का कार्य शुरू हो गया है। ग्रामीणो को आमदनी के स्थायी साधन उपलब्ध कराने तथा उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त करने की शासन की मंशा अनुरूप म.प्र. राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन एवं बॉयफ के समन्वित प्रयासों से विकासखण्ड के 26 ग्रामों में 4०4 किसानों के यहां आम अमरूद के बगीचे लगाए जा रहे हैं।
राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन अंतर्गत एक एक$ड भूमि के क्षेत्रफल में विकसित किए जा रहे प्रत्येक उद्यान में 62 वृक्ष लगाए जा रहे है जिनमें 30 पौधे आम के, 20 पौधे अमरूद के तथा 4 कटहल एवं 8 नीबूं के पौधे लगाए जायेगें। इसके अलावा कुछ बगीचों में अनार के 10-10 पौधे भी लगाए जायेगें। मिट्टी की प्रकृति अनुसार अनार के पौधे 22 बगीचों मे लगाए जाने का निर्णय लिया गया है। इसी प्रकार कुछ बगीचों में एप्पल बैर भी लगाया जा रहा है। बॉयफ द्वारा विकसित इस प्रजाति में सेव के बराबर बैर का फलन होता है। बाड़ी प्रोजेक्ट के तहत प्रत्येक बगीचे की बाउण्ड्री पर 100-100 पेड बांस के भी लगाए जाएंगे। बगीचे को चारों ओर से सुरक्षित करने के लिए भूमि की गुणवत्ता अनुसार सीताफल अथवा जेटरोफा अथवा मेहंदी के वृक्ष लगाकर बाउण्ड्री वॉल की जाएगी। जिला परियोजना प्रबंधक म.प्र. राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन डॉ. शैलेन्द्र सिंह सिसोदिया ने बताया कि मिशन अंतर्गत ग्रामीणो को संवहनीय आजीविका उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे है।
कराहल क्षेत्र में सिंचाई के साधनों की कमी तथा प्राकृतिक आपदाओं के चलते कभी अल्प वर्षा तो कभी अतिवृष्टि के चलते अपेक्षा अनुरूप किसानों को फसलोत्पादन नही मिल पाता है। ऐसे मे बॉयफ के साथ मिलकर बाडी प्रोजेक्ट पर कार्य चालू किया गया है। जिसमे स्वसहायता समूह से जुड़े किसानों के यहां बगीचे विकसित किए जा रहे है। उन्नत किस्म के पौधे लगाए जाने से 3 साल उपरांत इन उद्यानों में फल होने की उम्मीद है।

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