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तहसीलदार से मारपीट कर लगाया छेड़छाड़ का आरोप

शिवपुरी । पार्क बनाने के लिए पोहरी में पीडब्ल्यूडी के आउट हाउस से एक महिला ऊष्मा ओझा पत्नी अभिषेक को तहसीलदार ओपी राजपूत द्वारा बेदखल किये जाने का मामला तूल पकड़ गया है। महिला और उसके पति ने सोमवार को अपने साथियों के साथ तहसीलदार राजपूत के निवास स्थान पर पहुंचकर उनके साथ जमकर मारपीट की और फिर थाने में तहसीलदार के खिलाफ छेड़छाड़ की रिपोर्ट लिखवा दी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार महिला ऊषा ओझा का पिता पीडब्ल्यूडी में गैंगमैन था और उसी हैसियत से महिला उस क्वार्टर में अपने पति के साथ रह रही थी। पार्क बनाने के लिए जब महिला से क्वार्टर खाली कराया गया तो तहसीलदार द्वारा उसे आश्वासन दिया गया कि इसके ऐवज में उसे 10 बाय 15 फीट का सरकारी जमीन पर पट्टा दिया जाएगा तथा मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत उसे उस पट्टे पर कुटीर बनाकर दी जायेगी। जिस जमीन पर तहसीलदार ने पट्टा देने की बात कही थी महिला वहां पहुंची तो भाजपा मण्डल अध्यक्ष पृथ्वीराज सिंह जादौन ने उसे उस जमीन पर कब्जा नहीं करने दिया और मारपीट कर भगा दिया। श्री जादौन ने कहा कि उसका उस जमीन पर कब्जा है। इसके बाद ऊषा ओझा ने पृथ्वीराज सिंह जादौन पर आरोप लगाते हुए जहर खा लिया था। पुलिस ने फिर पृथ्वीराज सिंह जादौन पर मामला दर्ज कर लिया लेकिन श्री जादौन ने महिला के पति से समझौता किया जिसके परिणामस्वरूप उसके पति ने उसकी मारपीट की और फिर पूरा मामला तहसीलदार की तरफ मोड़ दिया गया। जिसकी परिणति कल तहसीलदार पर हमले के रूप में सामने आई।
तहसीलदार के अनुसार घटना के समय राजस्व निरीक्षक धीरज सिंह और पटवारी देवेन्द्र जैन, अनिल स्वर्णकार और संतोष शर्मा भी थे जिन्होंने उन्हें बचाया। तहसीलदार का कहना है कि यदि यह लोग नहीं होते तो हमलावर उनकी जान ले लेते, लेकिन पुलिस ने अभी तक इस मामले में कोई कार्यवाही नहीं की है। पुलिस द्वारा अभी तक कोई कार्यवाही नहीं किये जाने से शासकीय कर्मचारियों में रोष व्याप्त है और इसी के विरोध स्वरूप पोहरी के शासकीय कार्यालयों में कामकाज नहीं हुआ एवं कर्मचारी हड़ताल पर चले गये। तहसील और जनपद कार्यालय में तो ताला पड़ा रहा।

तहसीलदार ने मेरे कपड़े फाड़े
महिला ऊष्मा ओझा का कहना है कि उसे पट्टा देने के लिए तहसीलदार ने कल शाम अपने निवास स्थान पर बुलाया और वहां जब मैं पहुंची तो उसने हाथ पकड़कर मेरे साथ छेड़छाड़ शुरू कर दी तथा कमरे में ले जाने की कोशिश की। महिला का आरोप है कि तहसीलदार ने उससे जोर जबरदस्ती करते हुए उसके कपड़े फाड़ दिए। तहसीलदार ने अपने ऊपर लगे आरोप को मनगढ़ंत बताया है।

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