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अनुसूचित-जाति की महिलाओं के लिये सावित्रीबाई फुले स्व-सहायता समूह विकास योजना लागू



भोपाल। राज्य सरकार ने अनुसूचित जाति की ऐसी महिलाओं, जिनके पास स्व-रोजगार के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध नहीं है, की मदद के लिए सावित्रीबाई फुले स्व-सहायता समूह विकास योजना लागू की है। योजना का उद्देश्य अनुसूचित जाति की महिलाओं के स्व-सहायता समूह गठित कर उन्हें आय के स्त्रोत उपलब्ध करवाना है। योजना में अनुसूचित जाति एवं सफाई कामगार और विधवा, विकलांग महिलाओं के स्व-सहायता समूह एनजीओ की सहायता से गठित किये जायेंगे। उन्हें लघु-कुटीर उद्योग, पशुपालन एवं हस्त-शिल्प जैसे परम्परागत व्यवसाय में प्रशिक्षण देने के साथ वित्त-पोषण और उनके उत्पादन की बिक्री में सहयोग किया जायेगा। शासन की प्राथमिकता स्व-सहायता समूह के माध्यम से अनुसूचित जाति का आर्थिक एवं सामाजिक विकास करना है। योजना में जरूरी होने पर प्रशिक्षण देकर स्व-रोजगार के लिये बैंकों की सहायता से वित्तीय सहायता एवं मार्केट आदि की सुविधा उपलब्ध करवाने का प्रावधान है।
योजना में पात्रता
योजना में गरीबी रेखा के नीचे जीवन-यापन करने वाली महिलाओं का चयन कर उन्हें स्व-सहायता समूह बनाकर बैंकों के जरिये वित्तीय सहायता उपलब्ध करवाई जायेगी। योजना में प्रति सदस्य अधिकतम राशि 2 लाख का ऋण तथा भारत सरकार की विशेष केन्द्रीय सहायता में प्रति व्यक्ति निर्धारित अनुदान राशि उपलब्ध करवायी जायेगी। समूह के सदस्यों को निगम की अनुसूचित जाति वर्ग के लिये संचालित अन्य योजना में प्राप्त होने वाली अनुदान सहायता की भी पात्रता होगी। इसके लिए ऐसे समूह के हितग्राहियों को अन्य योजना में प्राप्त होने वाली अनुदान सहायता में से योजना में प्राप्त होने वाली अनुदान सहायता को समायोजित कर शेष अनुदान की राशि ही समूह के सदस्यों के खातों में देय होगी। सदस्य की आयु 18 से 55 वर्ष के मध्य और वार्षिक आय शहरी क्षेत्र में 55 हजार तथा ग्रामीण क्षेत्र में 40 हजार रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिये। गरीबी रेखा से नीचे जीवन-यापन करने वाले प्रमाण-पत्रधारी योजना का लाभ लेने के लिये पात्र होंगे। सदस्य का मध्यप्रदेश का मूल निवासी होना जरूरी है।
स्व-सहायता समूह का गठन
क्षेत्र की आवश्यकता, चयनित समूहों की अभिरुचि एवं व्यवसाय की स्थिति को ध्यान में रखकर 5 से 10 महिला के समूह गठित होंगे। स्वयंसेवी संगठन जो ऐसे समूह के गठन में प्रमोटर्स की भूमिका निष्पादित करेगा उसे 500 रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जायेगी। योजना/ परियोजना में समूह के सदस्यों को 7 से 15 दिवस का प्रशिक्षण निगम द्वारा संचालित प्रशिक्षण संस्थान से दिलाया जायेगा।
आवेदन प्रक्रिया
समूह की ओर से उनके अध्यक्ष एवं सचिव के माध्यम तथा सदस्यों की सहमति से योजना के लिये निर्धारित प्रारूप में समस्त सहपत्रों एवं प्रमाण-पत्रों सहित आवेदन मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला अन्त्यावसायी सहकारी विकास समिति को प्रस्तुत करेंगे।
आवेदन-पत्र के निर्णय के लिए समिति
योजना/परियोजना में प्राप्त आवेदन-पत्र जिला स्तर पर गठित समिति के समक्ष प्रस्तुत किये जायेंगे। समिति के अनुमोदन के बाद प्रकरण संबंधित बेंक को भेजे जायेंगे।

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