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लखवी मामले पर यूएन पहुंचा भारत'

लखवी मामले पर यूएन पहुंचा भारत

भारत ने संयुक्त राष्ट्र से कहा है कि मुंबई हमलों के मास्टरमाइंड कहे जानेवाले ज़की उर रहमान लखवी की रिहाई संयुक्त राष्ट्र के क़ानून का उल्लंघन है और ये बात पाकिस्तान के सामने रखी जानी चाहिए.
संयुक्त राष्ट्र में भारतीय मिशन के प्रमुख अशोक मुखर्जी ने सुरक्षा परिषद की एक कमिटी को पत्र लिखकर ये मामला उठाया है.
न्यूयॉर्क में भारतीय मिशन के एक उच्च अधिकारी ने बीबीसी से बात करते हुए इसकी पुष्टि की और कहा है कमिटी की अगली बैठक में इस पत्र पर चर्चा हो सकती है.
पत्र में ये भी लिखा गया है कि लखवी की ज़मानत के लिए जो रकम मुहैया करवाई गई है वो भी संयुक्त राष्ट्र के क़ानून के ख़िलाफ़ है क्योंकि संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव 1267 के अनुसार जिन लोगों के नाम आतंकवाद से जुड़ी लिस्ट में शामिल कर लिए जाते हैं उनकी वित्तीय संपत्ति ज़ब्त कर ली जाती है या उनके इस्तेमाल पर पाबंदी लग जाती है.
लखवी को दिसंबर 2008 में इस लिस्ट में शामिल किया गया था.
यूएन की लिस्ट में शामिल
2008 में मुंबई के होटल ताज को भी चरमपंथियों ने निशाना बनाया था
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की वेबसाइट के अनुसार लखवी लश्करे तैबा के फ़ौजी कमांडर हैं और उन्होंने चेचन्या, बॉस्निया, इराक और दक्षिण-पूर्वी एशिया में भी लश्कर की कार्रवाई को अंजाम दिया है.
वेबसाइट के अनुसार 2003 में लखनी ने लश्कर के सदस्यों को घनी आबादी वाले इलाकों में हमले करने का हुक्म दिया था.
वेबसाइट में लिखा गया है कि साल 2004 में उन्होंने इराक़ में अमरीकी फ़ौज पर हमला करने के लिए भी लोग भेजे और पैसा जुटाया और अफ़गानिस्तान में भी ट्रेनिंग कैंप चलाए हैं और आत्मघाती हमलावरों को ट्रेनिंग दी है.

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