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तिमाही परिणामों पर रहेगी निवेशकों की नजर

तिमाही परिणामों पर रहेगी निवेशकों की नजर

मुंबई। शेयर बाजारों में अगले हफ्ते तिमाही परिणामों की अगली खेप, संसदीय कार्यवाही और मासिक विनिर्माण और सेवा पीएमआई आंक़डे पर निवेशकों की निगाह रहेगी। आगामी सप्ताह में निवेशकों की नजर विदेशी पोर्टफोलियो निवेश (एफपीआई) और घरेलू संस्थागत निवेश (डीआईआई) के आंक़डों, वैश्विक बाजारों के रूझान, डॉलर के मुकाबले रूपये की चाल और तेल की कीमतों पर बनी रहेगी। कंपनियों द्वारा 2014-15 की चौथी तिमाही और 2014-15 कारोबारी वर्ष की पूरी अवधि के परिणामों की घोषणा का दौर जारी है। इस दौरान खास शेयरों में उनके परिणामों और भावी आय के अनुमानों के आधार पर विशेष गतिविधि देखी जा सकती है।
सोमवार को मंगलम सीमेंट, एसकेएस माइक्रोफाइनेंस और वी-मार्ट रिटेल, मंगलवार को डाबर इंडिया और कोटक महिंद्रा बैंक, बुधवार को फोर्स मोटर्स, जीटीएल इंफ्रास्ट्रक्चर और सिंगर इंडिया, गुरूवार को हीरो मोटोकॉर्प, सिंटेक्स इंडस्ट्रीज, टाइटन कंपनी और युनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया और शुक्रवार को हिंदुस्तान यूनिलीवर और पंजाब नेशनल बैंक अपने परिणामों की घोषणा करेंगे। शुक्रवार को महाराष्ट्र दिवस के अवसर पर शेयर बाजार बंद रहने के कारण तेल कंपनियों के शेयर सोमवार चार मई को पेट्रोल और डीजल मूल्य में वृद्धि पर प्रतिक्रिया करेंगी। गुरूवार और शुक्रवार के दरम्यान रात से पेट्रोल की कीमत प्रति लीटर करीब चार रूपये और डीजल की कीमत प्रति लीटर करीब ढाई रूपये बढ़ा दी गई है। तेल कंपनियां हर महीने के बीच में और आखिर में गत दो सप्ताह में आयातित तेल की औसत कीमत के आधार पर तेल मूल्य की समीक्षा करती हैं। वाहन कंपनियों के शेयर भी सोमवार को अप्रैल महीने की बिक्री के आंक़डे पर प्रतिक्रिया करेगी।
मार्किट इकनॉमिक्स सोमवार को अप्रैल महीने के लिए एचएसबीसी इंडिया विनिर्माण पीएमआई के आंक़डे जारी करेगी। मार्च महीने की विनिर्माण पीएमआई 52.1 फीसदी थी, जो एक महीने पहले फरवरी में 51.2 पर थी। आंक़डे के 50 से ऊपर रहने का मतलब संबंधित क्षेत्र में विस्तार है, जबकि इससे नीचे रहने का मतलब संकुचन होता है। मार्किट इकनॉमिक्स बुधवार छह मई को एचएसबीसी इंडिया सेवा पीएमआई के अप्रैल महीने के आंक़डे जारी करेगी। यह सूचकांक मार्च में घटकर 53 पर आ गया था, जो फरवरी में 53.9 पर था। संसद में अगले सप्ताह वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) से संबंधित संविधान संशोधन विधेयक पर चर्चा होगी। 

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