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अन्वेशकों का कौशल ला सकता है चेहरे पर मुस्कान : राष्ट्रपति

अन्वेशकों का कौशल ला सकता है चेहरे पर मुस्कान : राष्ट्रपति

नई दिल्ली । दैनिक जीवन में पेश आने वाली समस्याओं के हल अपनी खास सोच से ढूंढ लेने वाले जमीनी स्तर के आविष्कारकों को पुरस्कृत करते हुए राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने आज कहा है कि देश के लोगों में अथाह कौशल है और इसका सदुपयोग करके लाखों लोगों के जीवन को आसान बनाया जा सकता है।
इसके साथ ही उन्होंने वैश्विक नवोन्मेष सूचकांक में भारत की खराब स्थिति पर चिंता जाहिर करते हुए इस दिशा में विभिन्न संस्थानों के मिलजुल कर काम करने के साथ-साथ स्वदेशी ज्ञान के पर्याप्त संरक्षण और दस्तावेजीकरण पर भी जोर दिया।
राष्ट्रपति भवन में आयोजित आठवें ‘राष्ट्रीय तृणमूल नवप्रवर्तन एवं विशिष्ट पारंपरिक ज्ञान पुरस्कार’ समारोह को संबोधित करते हुए मुखर्जी ने कहा, ‘भारत के लोगों में कौशल से जुड़ी अपार संभावनाएं हैं, जिन्हें इस्तेमाल में लाकर लाखों लोगों के चेहरे पर मुस्कान लाई जा सकती है।’
उन्होंने कहा, ‘एक ओर भारत के लोगों का अपार कौशल है, वहीं दूसरी ओर अभी भी ऐसी अनेक समस्याएं हैं, जिनसे लोगों को रोजाना दो-चार होना पड़ता है। एक बार यदि इन अधूरी जरूरतों की सही ढंग से पहचान हो जाती है तो इन्हें पूरा करने की दिशा में काफी कुछ किया जा सकता है।’
पुरस्कार समारोह में मौजूद केंद्रीय विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं भूविज्ञान मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने विज्ञान के प्रति राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के रूझान की सराहना करते हुए कहा कि राष्ट्रपति द्वारा खुद नवोन्मेषकों का हौसला बढ़ाए जाने से इन लोगों को अपने-अपने समुदायों में नवोन्मेष के वाहक बनने की प्रेरणा मिलती है।
जमीनी स्तर से आए इन नवोन्मेषकों की खोजों को और आगे ले जाने के लिए उन्होंने कहा, ‘इनके नवोन्मेषों को और आगे ले जाने के लिए वैज्ञानिको, शैक्षणिक संस्थानों, शोध संस्थानों और उद्यमियों को मिलकर आगे आना चाहिए।’
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के स्वायत्त संस्थान राष्ट्रीय नवप्रवर्तन संस्थान (एनआईएफ) द्वारा देशभर से चुने गए कुल 41 नवोन्मेषकों को यहां पुरस्कृत किया गया। विजेताओं का चयन एनआईएफ द्वारा आयोजित द्विवाषिर्क प्रतियोगिता में लगभग 18 शहरों से आई 35 हजार प्रविष्टियों में से किया गया।
पुरस्कार समारोह में लाइफ टाईम अचीवमेंट पुरस्कार से सम्मानित किए गए कर्नाटक के अब्दुल आई. नडकट्टन ने किसानों के लिए खेती का काम आसान करने वाली कई मशीनें बनाई हैं, जिनमें एक ऐसी मशीन भी शामिल है, जो बुआई, दवा छिड़काव, खाद डालने और खरपतवार हटाने जैसे कई कामों को अंजाम दे सकती है।
इसके अलावा विजेताओं में काली मिर्च या चावल जैसी फसलों की किस्म में सुधार करने वाले, पशुओं की बीमारियों का हल जड़ी-बूटी के माध्यम से ढूंढने वाले और ईटें बनाने की मशीन बनाने जैसे कई नवोन्मेषों को लेकर आने वाले लोग शामिल हैं।
पुरस्कार समारोह में केंद्रीय विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं भूविज्ञान मंत्री डॉ. हर्षवर्धन, विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं भूविज्ञान राज्य मंत्री वाई एस चौधरी, एनआईएफ के अध्यक्ष और सीएसआईआर के पूर्व महानिदेशक आर. ए. माशेलकर, एनआईएफ के कार्यकारी उपाध्यक्ष डॉक्टर अनिल के गुप्ता और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव आशुतोष शर्मा उपस्थित थे।

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