Home > Archived > कर्मचारियों की भावनाओं को समझे राज्य सरकार : श्यामसुंदर

कर्मचारियों की भावनाओं को समझे राज्य सरकार : श्यामसुंदर

कर्मचारियों ने धरना देकर सौंपा ज्ञापन


झांसी। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद उ.प्र. के आहवान पर राज्य कर्मचारी दूसरे दिन भी हड़ताल पर रहे। उन्होने गांधी प्रतिमा के समक्ष धरना देकर मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। वक्ताओं ने कहा कि यदि उनकी मांगे पूरी नहीं हुई तो 23 फरवरी से कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएगें। धरना व सभा की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष अखिलेश मिश्रा ने की। सभा में मुख्य अतिथि राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद उ.प्र. के उपमहामंत्री श्याम सुंदर तिवारी रहे। सभा में टे्रड यूनियन के जिलाध्यक्ष जेएन पाठक व सिविल पेंशनर्स परिषद के अध्यक्ष इंजी. देवेंद्र सिंह राजावत ने भी विचार व्यक्त किए।
इस मौके पर वरिष्ठ कर्मचारी नेता जेएन पाठक ने राज्य कर्मचारियों की मांगों को समर्थन देते हुये कहा कि बिना संघर्ष के कर्मचारियों को कोई सुविधा प्राप्त नहीं होती है वर्तमान में कर्मचारियों को जो सुविधा प्राप्त है, उनके लिए पूर्व में लंबे एवं कड़े संघर्ष किये गये है, इसलिए कर्मचारियों को एकजुट होकर अपनी मांगों के लिए संघर्षरत रहना चाहिए। मुख्य अतिथि श्याम सुंदर तिवारी उपमहामंत्री ने कहा कि पूरे प्रदेश में दो दिवसीय कलम बंद हड़ताल को अपार सफलता मिली है। राज्य सरकार को कर्मचारियों की भावनाओं को समझते हुए, राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के मांग पत्र पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए कर्मचारियों की मांगों को शीघ्र पूरा किये जाने की कार्यवाही करना चाहिए अन्यथा प्रदेश का कर्मचारी अपने आगामी आंदोलनात्मक कार्यक्रम 23 फरवरी 2016 से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चला जाएगा जिससे होने वाले नुकसान के लिए राज्य सरकार उत्तरदायी होगी। इंजी. देवेंद्र सिंह ने कहा कि जनप्रतिनिधियों जैसे सांसद, विधायक एवं भारतीय प्रशासनिक सेवाओं के अधिकारियों द्वारा अपने लिए पुरानी टेंशन व्यवस्था को बहाल रखते हुए कर्मचारियों के लिए नई पेंशन व्यवस्था अंशदायी लागू की गयी है, जो कि कर्मचारियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया गया है। सरकार का यह कृत्य कर्मचारियों के साथ दोहरी नीति का घोतक है। अत: नई पेंशन व्यवस्था को समाप्त करते हुए कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन व्यवस्था शीघ्र लागू की जाए। मिथलेश द्विवेदी, सिंचाई विभाग द्वारा कहा गया कि राज्य सरकार द्वारा छठवें वेतन आयोग में लंबित वेतन विसंगतियों को आज तक दूर नहीं किया गया है, 29 जून 1991 से पूर्व दैनिक वेतनभोगी/वर्कचार्ज व कार्य प्रभारित कर्मचारियों का अभी भी विनियमितीकरण नहीं किया गया है, ऐसे कार्मिकों का विनियमितीकरण एवं स्थाईकरण शीघ्र किया जाए। इं. शिवरंजन द्विवेदी ने बताया कि कर्मचारियों की प्रवेश उम्र में सरकार द्वारा वृद्धि की गयी है, जिसके फलस्वरुप सरकार को कर्मचारियों को मिलने वाले प्रोन्नति वेतनमान, ग्रेड पे की निर्धारित सीमा को घटाकर 7, 14 एवं 20 वर्ष किया जाए तथा निजीकरण, आउटसोर्सिंग एवं ठेकेदारी व्यवस्था पूर्णत: समाप्त की जाए। इं. सीपी गुप्ता एवं इं. सुधीर कौशिक ने कहा कि तकनीकि योग्यताधारी संवर्गों को न्यूनतम 4800 ग्रेड वेतन करने और गैर तकनीकि योग्यता वाले संवर्गों को जिनकी शैक्षिक योग्यता स्नातक है को न्यूनतम 4600 ग्रेड वेतन स्वीकृत किया गया। शिक्षा विभाग के मंडलीय मंत्री श्रीकृष्ण व्यास, एलके पुरोहित एवं सतीश शर्मा ने फील्ड कर्मचारियों को साइकिल भत्ते रुपये 100 के स्थान पर मोटरसाइकिल भत्ता दिये जाने संबंधी मांग की एवं प्रदेश में तृतीय श्रेणी कर्मचारियों को 60 प्रतिशत रिक्त चल रहे पदों पर शीघ्र भर्ती कराये जाने की मांग रखी। बैठक में श्रीमती सीमा देवी अध्यक्ष आशा कार्यकर्ती, श्रीमती रैना देवी, ज्ञान सिंह बड़ागांव, श्रीमती कुसुमलता व्यास, डीपी सिंह गौर, आरके रायकवार मेडीकल कालेज, शिवाकांत द्विवेदी, रामपाल यादव, भूमिसरंक्षण आलोक व्यास, शिवनाथ सिंह, प्रद्युम्र सिंह वन विभाग, इं.सलिल समैया इं. शिवरंजन द्विवेदी, इं. संजय चौबे, इं. चिनोद खरे, जेके सिंह, रामसनेही वर्मा, वीके पचौरी, एसके नायक, विनीत कुमार, बृजभान सिंह, बृजमोहन साहू, जगन पाठक, एसके त्यागी, रमजान भगत, राामपाल सिंह यादव, अशोक दुबे, डि.इंजी. महासंघ, ब्रहमानंद तिवारी आदि इंजीनियरों ने संबोधित किया। संचालन भगवान दास कुशवाहा ने किया। आभार वरिष्ठ उपाध्यक्ष सचेत शुक्ला एवं रामकुमार गुप्ता ने व्यक्त किया।

Share it
Top