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अनियमितताओं पर भड़के सदस्य

जीविवि कार्यपरिषद की बैठक आयोजित


ग्वालियर। जीवाजी विश्वविद्यायल में शुक्रवार को कार्यपरिषद् की बैठक आयोजित की गई। बैठक प्रारम्भ होते ही राज्यपाल कोटे के कार्यपरिषद सदस्य ऋषभ जैन एवं हुकुम सिंह यादव ने जीवाजी विवि की गड़बडिय़ों और अनियमितताओं को लेकर कुलपति प्रो.संगीता शुक्ला और कुलसचिव आनंद मिश्रा को आड़े हाथ लिया।
उन्होंने कहा कि परीक्षा सेंटरों के निर्धारण, 28 (17) की नियुक्ति समेत अन्य मामलों में सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में जांच कमेटी बनाई जाए और सम्बंधित लोगों पर प्राथमिकी दर्ज कराई जाये। इस पर सर्वसम्मति से मामले की जांच कराने के साथ ही आगामी आदेश तक नियुक्तियों के अनुमोदन पर रोक लगाने का निर्णय लिया गया। वहीं श्री यादव ने कहा कि विश्वविद्यालय में तीन-तीन डिप्टी रजिस्ट्रार होने के बावजूद एक प्राध्यापक को परीक्षा नियंत्रक का चार्ज क्यों दिया गया, इस पर कुलपति ने कहा कि उन्हें वरिष्ठ होने के कारण दिया गया और शासन को प्रस्तावित नाम भेज दिये गए। श्री यादव ने पूर्व परीक्षा नियंत्रक और डिप्टी रजिस्ट्रार के कार्यकाल की जांच कराने के लिए कहा, डीसीडीसी के लिए कुलपति को अधिकृत कर दिया गया। बैठक में विश्वविद्यालय के विकास एवं अद्योसंरचना के लिए प्रस्तावित कार्यों के लिए लगभग 4 करोड़ की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति दी गयी।
बाहरी प्राध्यापकों को हटाया
बैठक में पूरे दस्तावेजों के साथ शिकायत करने पहुंचे लोगों ने कार्यपरिषद् सदस्य ऋषभ जैन को बताया कि कई वर्षों से विश्वविद्यालय द्वारा उडऩदस्ते में बाहरी शिक्षकों को चलाया जा रहा है, इसके विरूद्ध कई बार शिकायतें भी दर्ज हुईं लेकिन आज तक कोई कार्यवाही नहीं की गई। जिस पर श्री जैन ने बाहरी शिक्षकों को हटाने के लिए कहा।

अग्रवाल से हुआ विवाद
बैठक में पूर्व ईसी मेंबर अजीत सिंह भदौरिया के निंदा प्रस्ताव के मिनिट्स कंफर्म हो गए, इसको लेकर वर्तमान ईसी मेंबर राजीव अग्रवाल से जमकर विवाद हुआ, उन्होंने कहा कि अगर किसी का कार्यकाल पूर्ण हो गया तो निंदा प्रस्ताव के मिनिट्स कंफर्म न करें, लेकिन कुलपति अड़ गईं और कहा कि आप निंदा प्रस्ताव की बैठक में शामिल नहीं थे, इसलिए आपत्ति दर्ज नहीं करा सकते, इसके बाद मिनिट्स कंफर्म करने पर मुहर लगा दी गई। इसके अलावा पूर्व कुलपति प्रो.मजाहिर किदवई के बेटे फर्जिल किदवई की पीएचडी को जांच कमेटी से क्लीन चिट दी गई।

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