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लागत निकलते न देख फसलें की मवेशियों के हवाल

घाटे का सौदा साबित हो रही खेती

अशोकनगर। जिलेभर में किसानों को सोयाबीन एवं उड़द की फसल ने निराश कर दिया है। फसलों में उम्मीद के मुताबिक उपज न निकलने से किसान निराश हैं। जिलेभर में बोई गई सोयाबीन एवं उड़द की फसल से अधिकतर किसानों में मायूसी छाई हुई है। किसानों की सोयाबीन फसल को देखकर शुरूआती दौर में किसानों के चेहरे खिले हुए दिखाई दे रहे थे क्योंकि उम्मीद के मुताबिक बारिश भी फसलों का साथ दे रही थी। लेकिन अब फसल का साथ छोड़कर अचानक मौसम का रूठ जाना फसलों पर विपरीत प्रभाव माना जा रहा है। बारिश नही होने के कारण जिलेभर मेें सोयाबीन-उड़द की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। खेतों में दिखाई दे रही सोयाबीन की फसल को काटने केे लिए किसान तैयार नही है क्योंकि इन फसलों पर अधिकतर स्थानों पर फली ही नजर नही आ रही। इसी तरह उड़द की फसल में भी फली न आने के कारण ज्यादातर किसानों ने फसलों को जानवरों को ही चरा दिया। ग्राम भेंटुआ में ज्यादातर किसानों को सोयाबीन की फसल में नुकसान उठाना पड़ा है। यहां किसानों की कई बीघा जमीन पर बोई गई सोयाबीन की फसल में फली ही नही लग सकी। और किसानों को फसल बुबाई के समय खर्च की गई राशि भी हासिल नही हो पा रही है। किसान सुल्तान सिंह, विक्रम सिंह, खालक सिंह, अरविन्द यादव, मोहन सिंह, फूला बाई, चम्मालाल, सिरनाम सिंह, चुन्नीलाल आदि ने बताया कि उन्होंने अपने खेतों में सोयाबीन एवं उड़द की फसल बोई थी पर समय के मुताबिक दवाओं का छिड़काव भी किया। लेकिन अब फसल में फली नही लगने से काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है। इस गांव के कई किसान ऐसे हैं जिनके खेतों में बीज की लागत भी नही निकल पा रही है। किसानों ने अब फसल की कटाई न कराते हुए जानवरों को ही फसल खाने को छोड़ दिया है। किसान फसल में हुए नुकसान की भरपाई के लिए राहत राशि की उम्मीद लगाए बैठे हैं। अभी गांव में शासन द्वारा किसी तरह का सर्वे नही कराया गया है।

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