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तीन हजार की घूस लेते पकड़ा प्रधान आरक्षक

ग्वालियर। झूठे मामले में फंसाने की धमकी देकर एक युवक से तीन हजार रुपए की रिश्वत ले रहे प्रधान आरक्षक को लोकायुक्त पुलिस की टीम ने रंगे हाथों पकड़ लिया। जानकारी के अनुसार घासमण्डी निवासी तुलसी प्रजापति गणेश चतुर्थी के दिन अपने घर से निकले तो उनकी गाड़ी एक युवक की गाड़ी से टकरा गई थी। जिसका मामला बहोड़ापुर थाने में दर्ज किया गया था। इसके बाद इसी थाने में पदस्थ प्रधान आरक्षक हरिशंकर चतुर्वेदी ने तुलसी से फोन पर सम्पर्क कर उसे बताया कि तुम्हारे खिलाफ मामला दर्ज हुआ है। यदि तुम मुझे पांच हजार रूपए दोगे तो मामले को रफादफा कर दिया जाएगा। इस पर तुलसी ने प्रधान आरक्षक से कुछ सस्ते में मामला निपटाने को कहा। इसके बाद सौदा तीन हजार रूपए में तय हो गया। तुलसी ने तुरंत लोकायुक्त पुलिस से सम्पर्क किया और पूरी घटना बताई। लोकायुक्त की टीम ने तुलसी के साथ एक पुलिसकर्मी को रिकॉर्डर लेकर सादा कपड़ों में भेजा और उसकी सारी बात रिकॉर्ड कर ली। बुधवार की शाम 6 बजे प्रधान आरक्षक ने तुलसी को पहले बहोड़ापुर थाने के पास बुलाया। उसके बाद पुलिस लाइन के पास पैट्रोल पंप पर ही पैसे देने को कहा। तुलसी जब पैट्रोल पंप के पास पहुंचा तो उसके आधे घण्टे बाद प्रधान आरक्षक चतुर्वेदी वहां पर पहुंचे और जैसे ही तुलसी ने पैसे दिए वैसे ही लोकायुक्त की टीम ने प्रधान आरक्षक हरिशंकर चतुर्वेदी को रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। टीम ने प्रधान आरक्षक के हाथ तुरंत कैमिकल से धुलवाए तो हाथों से रंग निकला। उसके बाद आयुक्त की टीम प्रधान आरक्षक को साथ लेकर अपने कार्यालय पहुंची और उसके खिलाफ मामला दर्ज कर बहोड़ापुर थाना प्रभारी को इसकी जानकारी दे दी।

हमेशा पैसे की मांग करता था
तुलसी का कहना था कि प्रधान आरक्षक हमारे पीछे पड़ा हुआ था। वह अक्सर पैसे की मांग करता रहता था। मेरे भाई का बारंट था, जब उसने मेरे भाई को मोतीझील पर पकड़ लिया तो दो हजार रूपए देने के बाद ही छोड़ा था। उसके बाद वह किसी न किसी प्रकरण में झूटा फंसाने की धमकी देता रहता था और पैसे की मांग करता रहता था।
मुझे झूठा फंसाया है
तुलसी पर छह मामले दर्ज हैं। वह पेशेवर मुजरिम है। पैसों की मांग हमने नहीं की थी। उसने मुझे दुर्घटना के मामले की जानकारी लेने के लिए बुलाया था। उसके बाद उसने जबरयन मेरे हाथ में पैसे पकड़ा दिए और लोकायुक्त की टीम को इसकी जानकारी देकर मुझे पकड़वा दिया।

''प्रधान आरक्षक द्वारा घूस लेने की जानकारी प्राप्त हुई है। लोकायुक्त रिपोर्ट आने के बाद निलंबित किया जाएगा।
संतोष कुमार सिंह
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक

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