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करोड़ों के आभूषण पहनेंगे राधा-कृष्ण

ग्वालियर। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव फूलबाग स्थित गोपाल मंदिर पर सोमवार को मनाया गया। दोपहर के बाद मंदिर के द्वार आमजनों के लिए खोले गए। मंदिर की निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाएं गए। निगमायुक्त अजय गुप्ता ने बताया कि सोमवार को पुलिस बल के साथ बैंक लॉकर से भगवान के आभूषण तथा श्रृंगार सामग्री एवं पात्र निकाले गए इनकी सफाई आदि कर भगवान का श्रृंगार किया गया। दोपहर 12 बजे से भगवान के दर्शनों के लिये दरबार आम नागरिकों के लिये खोले दयिा। रात्रि में 1 बजे के बाद भगवान के आभूषण पुलिस बल के साथ जिला कोषालय में जमा कराये जायेंगे। उन्होंने बताया कि सुरक्षा की दृष्टि से सम्पूर्ण मंदिर में पुलिस बल तथा क्लॉज सर्किट कैमरे लगाकर पल-पल की वीडियोंग्राफी की जा रही है।
करोड़ों के गहनों से सजे राधा-कृष्ण लगे मनोहारी
राधा-कृष्ण के श्रृंगार में करोड़ों रुपए कीमत के गहनों का उपयोग किया गया, जिसमें सफेद मोती वाला पंचगढ़ी हार लगभग ढाई लाख कीमत का, सात लड़ी हार, जिसमें 62 असली मोती और 55 पन्ने हैं। सन् 2007 में इनकी अनुमानित कीमत लगभग 10 से 12 लाख रुपए आंकी गई थी। इसके अलावा सोने के तोड़े तथा सोने का मुकुट श्रीकृष्ण जी पहनाया, जिनकी कीमत भी लगभग 25 लाख रुपए है। गोपाल मंदिर की राधाजी का ऐतिहासिक मुकुट, जिसमें पुखराज और माणिक जणित के पंख हैं तथा बीच में पन्ना लगा है, तीन किलो वजन के इस मुकुट की कीमत आज की दरों पर लगभग एक करोड़ और इसमे लगे 16 ग्राम पन्ने की कीमत लगभग 8 लाख आंकी गई थी। वहीं राधा-कृष्ण के नकसिक श्रृंगार के लिये लगभग साढ़े 8 लाख के जेवर उपलब्ध हैं, जिनमें श्रीजी तथा राधा के झुमके, सोने की नथ, कण्ठी, चूडिय़ां, कड़े आदि से भगवान को सजाया गया। लगभग 30 लाख कीमत के चांदी के विभिन्न बर्तनों से भगवान का भोग अराधना हुई, जिनमें भगवान की समई, इत्र दान, पिचकारी, धूपदान, चलनी, सांकड़ी, छत्र, मुकुट, गिलास, कटोरी, कुंभकरिणी, निरंजनी आदि सामग्रियों का भी प्रदर्शन किया गया।

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