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तिरुपति की तर्ज पर होगा महाकाल मंदिर का विस्तार

भोपाल। नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि दक्षिण भारत स्थित प्रसिद्ध धार्मिक स्थल तिरूपति बालाजाी की तर्ज पर उज्जैन स्थित महाकाल मंदिर परिसर का विस्तार करते हुए दर्शन की व्यवस्था की जाएगी। इसके लिए 1982 में बनाए गए अधिनियम में जरूरी संशोधन किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि मंदिर समिति में स्थानीय सांसद और जिले के सभी विधायकों को शामिल किए जाने का प्रावधान किया जाएगा। मंत्री ने यह बात भाजपा सदस्य डॉ. मोहन यादव के सवाल के जवाब में कही।
यादव ने विधानसभ में पूछा था कि सिंहस्थ 2016 के तारतम्य में उज्जैन स्थित महाकाल मंदिर में निर्माण और दर्शनार्थियों के लिए क्या योजना बनाई गई है।
महाकाल मंदिर एक्ट का अंतिम संशोधन क्या किया गया है। जवाब में मंत्री विजयवर्गीय ने यह स्वीकार किया है कि मंदिर परिसर में अलग-अलग समय के दौरान पिछले छह माह में तीन मौतें हो चुकी हैं। उन्होंंने कहा कि व्यवस्थाओं में सुधार के लिए महाकाल मंदिर एक्ट में परिवर्तन करने पर विचार किया जा रहा है। यह पहला मौका होगा, जब स्थानीय जनप्रतिनिधियों को भी इसमें मंदिर प्रबंधन में सहभागी बनाया जाएगा।

महाकाल की व्यवस्थाएं चुस्त-दुरुस्त
नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने सदन में बताया उज्जैन के महाकाल मंदिर का प्रबंध बोर्ड भी तिरूपति बालाजी और शिर्डी मंदिर के समान बनाया जायेगा। नये बोर्ड में क्षेत्रीय सांसद और विधायकों को भी सदस्य बनाया जायेगा। नया एक्ट 2016 में होने वाले कुंभ के पहले लागू कर दिया जायेगा। भाजपा विधायक मोहन यादव के प्रश्न का जबाव देते हुए श्री विजयवर्गीय ने माना कि मध्यप्रदेश श्री महाकाल मंदिर समिति अधिनियम 1982 का बना है। इसमें बाद में संशोधन भी किया गया है मगर यह काफ ी पुराना है। इस दौरान मंदिर में दर्शनार्थियों की संख्या में भी काफ ी वृद्धि हुई हो गई है पिछले वर्षो में घटनाएं भी हुई है जिनमें भारी भीड़ में दबनें से कई श्रृद्धालुओं की मौत भी हो गई। व्यवस्थाएं बनानें के लिए अधिनियम में बदलाव जरूरी हो गया है। शिर्डी और तिरूपति बालाजी मंदिर समिति के अधिनियम का अध्ययन कराया जा रहा है। सिंहस्थ के पहले नया एक्ट लागू करनें का प्रयास किया जायेगा। प्रश्नकर्ता विधायक मोहन यादव का कहना था कि मंदिर के विभागों में तालमेल न होने से अंदर और बाहर अलग-अलग काम चल रहे है, इससे भी घटनाएं हो रही है। निर्माण के संबंध में तत्काल कमेटी बनाई जाना चाहिए।

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