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तीन में से एक बना, उसकी भी दुर्दशा

तीन में से एक बना, उसकी भी दुर्दशा

शो-पीस बना शहर का इकलौता पैदल पुल 


ग्वालियर।
शहर में बढ़ते यातायात को व्यवस्थित करने एवं सड़क पर पैदल चलने वाले एवं रास्ता पार करने वाले राहगीरों की सुविधा के लिए शहर में प्रस्तावित तीन पैदल पुलों (फुट ओवर ब्रिज) में से सिर्फ एक ही पुल बनवाया। इस इकलौते पैदल पुल की दुर्दशा को देखकर निगम का हौसला ही टूट गया और शहर में प्रस्तावित दो अन्य पुलों के निर्माण को रद्द कर दिया गया। इस पुल की दुर्दशा का कारण जानने का प्रयास किसी ने नहीं किया।
पैदल राहगीरों को सुविधा जनक तरीके से रास्ता पार कराने के उद्देश्य से लक्ष्मीबाई कॉलोनी से महिला पॉलीटेक्निक कॉलेज तक, होटल फोर्टव्यू के पास नौगजा मार्ग से फूलबाग के पिछले द्वार तक एवं जयेन्द्रगंज स्थित राजीव प्लाजा के सामने से पारसमणि मॉल तक तीन पैदल पुल प्रस्तावित थे। इनमें लक्ष्मीबाई कॉलोनी वाले पुल का निर्माण कार्य पूरा हो गया। हालांकि इसका विधिवत लोकार्पण आज तक नहीं हो पाया और जनता ने इसे खुद ही लोकार्पित कर लिया। यह बात और है कि निगम को जितनी आशा थी उसके अनुरूप पैदल यात्री इसका उपयोग तो नहीं करते लेकिन फुटपाथ पर सोने वाले गरीबों के उपयोग में यह पुल आ रहा है। इस पुल की हालत देख निगम का दूसरा फूलबाग पर निर्माणाधीन पैदल पुल का काम भी अधर में लटक गया और बाद में इसे रद्द कर दिया गया। जबकि जयेन्द्रगंज मार्ग पर तीसरे प्रस्तावित पुल का काम भी शुरू नहीं हो पाया।

अब विज्ञापन आधार पर बनेंगे पुल
निगम के खजाने से प्रस्तावित दो पैदल पुलों के निर्माण को रद्द कर दिया गया है, अब शहर में विज्ञापन आधार (बीओटी) पर करीब आधा दर्जन से अधिक पैदल पुल बनेंगे। यह प्रस्ताव महापौर परिषद से पास हो चुका है। निगमायुक्त ने इसे हरी झंडी दे दी है। शीघ्र ही इनके निर्माण के लिए निविदा बुलाई जाएंगी

पैदल पुल पर क्यों नहीं चढ़ते लोग
लक्ष्मीबाई कॉलोनी के द्वार पर स्थित पैदल पुल पर दिनभर में मुश्किल से दो-चार लोग ही चढ़ते होंगे। इसका कारण खोजने का प्रयास अभी तक किसी अधिकारी ने नहीं किया। हां इसमें बाधक बन रहे दोनों सड़कों के बीच खुले मार्ग को डिवाईडर बनवाकर बंद कर दिया गया, फिर भी लोग इस पुल पर नहीं चढ़े, जबकि लक्ष्मीबाई कॉलोनी में प्रतिदिन हजारों बच्चे ट्यूशन पढऩे आते हैं। यहां स्थित अस्पताल एवं व्यवसायिक संस्थानों में भी प्रतिदिन सैकड़ों लोग टेम्पो और सार्वजनिक वाहनों से आते हैं। इसका मुख्य कारण है मुरार की ओर से आने वाले टैम्पो एवं सार्वजनिक वाहनों का इस सड़क पर नहीं आना। वाहनों को पड़ाव पुल से होकर नगर निगम संग्रहालय से होकर निकाला जाता है। इस कारण कॉलोनी से निकलने वाले लोग पुल पर न चढ़कर इसी तरफ के फुटपाथ पर चलकर लक्ष्मीबाई प्रतिमा के सामने से संग्रहालय या फूलबाग चौराहा तक पहुंचते हैं या पड़ाव पहुंचकर टैम्पो में बैठ जाते हैं। 

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