Home > Archived > कैलाश सत्यार्थी और मलाला को मिला नोबेल शांति पुरस्कार

कैलाश सत्यार्थी और मलाला को मिला नोबेल शांति पुरस्कार

कैलाश सत्यार्थी और मलाला को मिला नोबेल शांति पुरस्कार

नई दिल्ली | भारत के कैलाश सत्यार्थी और पाकिस्तान की मलाला यूसुफजई को दुनिया के सर्वोच्‍च सम्‍मान नोबेल शांति पुरस्‍कार से नवाजा गया है। उन्हें यह पुरस्‍कार नार्वे की राजधानी ओस्लो में आयोजित एक समारोह में दिया गया।
इस अवसर पर बोलते हुए सत्यार्थी ने कहा कि उनका एकमात्र सपना हर बच्चे को बचपन जीने का हक पाते हुए देखना है। उन्होंने कहा कि बच्चों के सपनों को तोड़ना और उन्हें अपने सपनों को जीने से रोकना बच्चों के खिलाफ सबसे बड़ी हिंसा है।
सत्यार्थी ने कहा कि हर बच्चे को स्कूल जाने, खेलने और बचपन जीने की आजादी होनी चाहिए। उम्मीद है कि दोनों मुल्कों की दो शख्सियतों को शांति का सबसे बड़ा सम्मान मिलने से इन मुल्कों के बीच दोस्ती का एक नया पैगाम जाएगा और वे फिर से भाईचारे के बंधन में बंधने की तरफ रुख करेंगे। बचपन बचाओ आंदोलन के अगुवा कैलाश सत्यार्थी शांति नोबल पुरस्कार पाने वाले भारत के पहले व्यक्ति हैं। इसी तरह मलाला भी पाकिस्तान की तरफ से शांति का नोबेल पुरस्कार पाने वाली पहली शख्सियत बन गई हैं। तालिबानी हमले की वजह से मलाला चर्चा में आई थीं। मलाला सबसे कम उम्र में यह पुरस्कार पाने वाली शख्सियत भी हैं। गौरतलब है कि नोबेल पुरस्कार के ऐलान के बाद मलाला ने दिली इच्छा जताई थी कि दोनों मुल्कों के प्रधानमंत्री पुरस्कार प्राप्त करने के वक्त मौजूद रहें, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। कैलाश सत्यार्थी और मलाला समेत 11 हस्तियों को इस साल के नोबेल पुरस्कारों से सम्मानित किया जा रहा है। मलाला की उम्र महज 17 साल है, जबकि सत्यार्थी 60 साल के हैं।


Share it
Top