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अब हर महीने रसोई गैस की कीमत 10 रुपए बढ़ाने की तैयारी

अब हर महीने रसोई गैस की कीमत 10 रुपए बढ़ाने की तैयारी

नई दिल्ली। महंगाई की कैंची से आपकी जेब और कटने वाली है। सरकार रसोई गैस की कीमत बढ़ाने पर गंभीरता से विचार कर रही है। जिस तरह से डीजल की कीमत हर महीने रिवाइज की जाती है, केंद्र सरकार उसी तरह से एलपीजी की कीमत भी हर महीने या हर तिमाही रिवाइज करने पर विचार कर रही है।
रिवाइज का मतलब है कि इंटरनैशनल मार्केट में एलपीजी की कीमत जिस हिसाब से बढ़ेगी या घटेगी उसी रेट के आधार पर सरकार घरेलू बाजार में उपभोक्ताओं को गैस उपलब्ध कराएगी। इसकी वजह यह बताई जा रही है कि डॉलर के मुकाबले रुपए में लगातार गिरावट और ग्लोबल मार्केट में तेल कीमतों में वृद्धि के कारण सरकार के राजस्व पर अतिरिक्त 30,000 करोड़ का आर्थिक बोझ बढ़ा है। इस अतिरिक्त आर्थिक बोझ के कारण राजस्व और करंट अकाउंट घाटे में बढ़ोतरी हो रही है। सरकार इसे रोकने के लिए एलपीजी को भी डीजल के तर्ज पर हर महीने कीमत रिवाइज का फैसला कर सकती है।
इस आधार पर एलपीजी में बढ़ोतरी हर महीने 10 रुपए या हर तिमाही 25 रुपए तक हो सकती है। हालांकि, अभी कुछ फैसला नहीं हुआ है और विचार-विमर्श जारी है । सरकार के आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक फैसला कैबिनेट को करना है। कीमत में बढ़ोतरी कर सरकार एलपीजी पर दी जाने वाली सब्सिडी का बोझ कम करना चाहती है। गौरतलब कि सब्सिडी वाले 9 सिलिंडर प्रत्येक परिवार को मिलते हैं। इससे ज्यादा लेना हो तो बिना सब्सिडी के मार्केट रेट पर लेना पड़ता है। विजय केलकर एक्सपर्ट कमिटी ने एलपीजी पर चरणबद्ध तरीके से 3 सालों के अंदर सब्सिडी वापस लेने की सिफारिश की थी। बिना सब्सिड़ी वाले एलपीजी सिलिंडरों की संख्या में कमी कर और कीमतों में बढ़ोतरी कर यह लक्ष्य हासिल करने की तैयारी है।आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक डीजल में हर महीने 50 पैसे की बढ़ोतरी की तरह इस साल से सरकार एलपीजी पर दी जाने वाली सब्सिडी में कटौती करने की तैयारी में है। इस साल के मई तक डीजल की रणनीति से सरकार संतुष्ट थी लेकिन रुपए में लगातार गिरावट के कारण डीजल बिक्री घाटा भी बढ़ा है। ऐसे में सरकार डीजल की रणनीति पर भी फिर से विचार कर रही है।

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