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तेलंगाना: तटीय आंध्र व रायलसीमा बंद, जनजीवन प्रभावित

तेलंगाना: तटीय आंध्र व रायलसीमा बंद, जनजीवन प्रभावित

हैदराबाद। भले ही तेलंगाना पर कांग्रेस की मुहर लग गयी हो लेकिन आंध्र प्रदेश के बंटवारे के विरोध में लोग सड़कों पर उतर आए। तटीय और दक्षिण आंध्र के इलाकों में तेलंगाना के गठन के खिलाफ लोगों ने बंद का ऐलान किया है। इस बंद का खासा असर देखने को मिल रहा है। राज्य परिवहन की बसें भी सड़कों से नदारद हैं इसके साथ ही पूरे इलाके में स्कूल और दुकानें पूरी तरह से बंद नजर आ रही हैं। वहीं आंध्रप्रदेश के कांग्रेसी सांसद और विधायक आज तेलंगाना के विरोध में राज्य मुख्यमंत्री से भी मिलने वाले हैं। माना जा रहा है कि इस मुलाकात के बाद वे तय करेंगे की विरोध में अपने पद से इस्तीफा देंगे या नहीं।
अलग राज्य के घोषणा के सिर्फ एक दिन बाद ही कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। आंध्र प्रदेश के गुंटूर से सांसद रायपति संबाशिवा राव ने पार्टी और सांसद पद से इस्तीफा दे दिया है। साथ ही पार्टी के तीन और विधायकों ने भी इस्तीफा दे दिया है। माना जा रहा है कि सरकार के इस फैसले के विरोध में देर-सवेर कांग्रेस के कई और नेता पार्टी छोड़ सकते हैं। यह भी कहा जा रहा है कि अभी तेलंगाना के गठन की घोषणा कांग्रेस ने आंध्र में अपने घटते जनाधार को बचाने के मकसद से की है, लेकिन संबाशिवा का इस्तीफा उसके फैसले पर सवाल उठा रहा है। जबकि आंध्रप्रदेश से अलग तेलंगाना राज्य बनाने के लिए कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूपीए गठबंधन ने कल शाम इस पर मुहर लगा दी। हालांकि अभी कुछ और संवैधानिक औपचारिकताएं बाकी हैं, लेकिन आगामी चुनावी साल में तेलंगाना बनने का लगभग रास्ता साफ हो गया है। कांग्रेस के फैसले के मुताबिक हैदराबाद 10 साल तक आंध्र प्रदेश और तेलंगाना की संयुक्त राजधानी होगी और अलग तेलंगाना राज्य बनने की पूरी प्रक्रिया मई 2014 तक पूरी होगी। हालांकि इसके लिए पहले यह प्रस्ताव कैबिनेट में पेश होगा। यहां से संसद के दोनों सदनों में इसे पास कराया जाएगा। इसके बाद राष्ट्रपति के दस्खत से अलग 29वें राज्य की शक्ल तय होगी।

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