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तिमाही परिणामों के उत्पादन आंकड़ों पर रहेगी नजर

तिमाही परिणामों के उत्पादन आंकड़ों पर रहेगी नजर

मुम्बई | अगले सप्ताह शेयर बाजारों में चौथी तिमाही के परिणाम घोषित करने वाली कम्पनियों और औद्योगिक उत्पादन के आंकड़ों पर निवेशकों की नजर रहेगी। शेयर बाजारों में शनिवार 11 मई 2013 को विशेष कारोबारी सत्र आयोजित होगा। यह सत्र 11.15 से 12.45 तक संचालित होगा। कारोबारी कम्पनियां अगले सप्ताह भी पिछले कारोबारी साल की चौथी तिमाही के परिणाम घोषित करती रहेंगी, जिसमें से निवेशक भविष्य के लाभ या नुकसान के लिए संकेतों की तलाश करने में लगे रहेंगे। अगले सप्ताह बुधवार को एचडीएफसी, रैनबेक्सी और ल्यूपिन का परिणाम आएगा। गुरुवार को एशियन पेंट्स का परिणाम आने वाला है, जबकि शुक्रवार को एनटीपीसी का परिणाम आएगा।
केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय शुक्रवार 10 मार्च को इस वर्ष के लिए औद्योगिक उत्पादन के आंकड़े जारी करेगा। फरवरी में उत्पादन में 0.6 फीसदी की मामूली वृद्धि रही।
आने वाले कुछ महीनों में बाजार में शेयरों की व्यापक आपूर्ति के कारण शेयर बाजारों के सूचकांकों के ऊपर की ओर बढ़ने की उम्मीद कम है। शेयर बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के दिशानिर्देश के मुताबिक सूचीबद्ध निजी कम्पनियों में प्रमोटर की हिस्सेदारी घटानी होगी और आम निवेशकों को कम से कम 25 फीसदी हिस्सेदारी देनी होगी। इसी तरह सरकारी सूचीबद्ध कम्पनियों में आम निवेशकों को कम से कम 10 फीसदी हिस्सेदारी देनी होगी। सेबी के आदेश के मुताबिक निजी कम्पनियों के संस्थापकों को 30 जून 2013 तक अपनी हिस्सेदारी घटानी होगी, जबकि सरकारी कम्पनियों को 31 अगस्त तक सेबी के आदेश का पालन करना होगा।
वर्ष 2014 में सरकारी कम्पनियों के विनिवेश के सरकारी लक्ष्य से भी शेयरों की बिकवाली को हवा मिलेगी। सरकार ने सार्वजनिक कम्पनियों में अपनी हिस्सेदारी के विनिवेश से वर्तमान कारोबारी वर्ष में 40 हजार करोड़ जुटाने का लक्ष्य रखा है। सरकार ने निजी कम्पनियों में भी अपनी हिस्सेदारी के विनिवेश से 14 हजार करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है। पांच मई 2013 को कर्नाटक में होने वाले विधानसभा चुनाव भी बाजार को कुछ हद तक प्रभावित कर सकते हैं। चुनाव का परिणाम आठ मई को घोषित होगा।
बाजार में इस वक्त कई शेयरों में काफी गिरावट चल रही है। इसे देखते हुए निवेशक बॉटम अप की रणनीति अपना सकते हैं। यानी वे सस्ते शेयर खरीद सकते हैं। छोटे निवेशकों को इस दौरान सेक्टर कॉल लेने के बजाय खास-खास शेयरों पर ध्यान देना चाहिए।


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