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लॉ इंटर्न ने गांगुली की दलीलों को बताया झूठा

लॉ इंटर्न ने गांगुली की दलीलों को बताया झूठा

नई दिल्ली | सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश ए के गांगुली पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने वाली पीडिता प्रशिक्षु वकिल ने अपने ब्लॉग में गांगुली के बेगुनाह होने के दावों को झुठा बताते हुए उन्हें जमकर फ़टकार लगाई है।
पीड़िता ने अपने ब्लॉग में गांगुली की भारत के मुख्य न्यायाधीश पी सदाशिवम को लिखी चिट्ठी की कड़ी आलोचना की है। गौरतलब है कि गांगुली ने पी सदाशिवम को लिखी चिट्ठी में खुद को निर्दोष बताया था।
इंटर्न ने ब्लॉग में कहा, मैंने अपनी और सर्वोच्च न्यायालय की गरिमा को बचाने के लिए अडिशनल सॉलिसिटर जनरल इंदिरा जयसिंह को हलफनामा सार्वजनिक करने के लिए अधिकृत किया था। उन्होंने बताया, इंटर्नशिप के दौरान छात्राओं के साथ होने वाले यौन उत्पीड़न को लेकर युनिवर्सिटी के पास कोई नीति नहीं है। मुझे संकेत दिया गया कि किसी कार्रवाई का कोई फायदा नहीं होगा। मुझसे कहा गया कि मेरे पास सिर्फ एक ही रास्ता है कि मैं पुलिस के पास शिकायत दर्ज करवाऊं। लेकिन मैं ऐसा नहीं करना चाहती थी।
उन्होंने कहा, कमिटी की रिपोर्ट का कार्यकारी हिस्सा सार्वजनिक किए जाने के बावजूद कई माननीय नागरिकों और लीगल जगत के दिग्गजों ने कमिटी की जांच का मज़ाक बनाया और मुझे दुखी किया।
उन्होंने लिखा, मेरी गुजारिश है कि यह ध्यान रखा जाए कि मेरे विवेक के अनुसार मैं उचित समय पर उचित कार्यवाहियों के लिए उपस्थित रहूंगी। मैं चाहती हूं कि मेरी स्वायत्तता का पूरा सम्मान किया जाए।

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