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तानसेन समारोह

अलंकरण को लेकर शासन व प्रशासन उदासीन

ग्वालियर | तानसेन समारोह में अलंकरण दिया जाएगा या नहीं स्थिति शनिवार तक साफ नहीं हो सकी। स्थानीय समिति की बैठक के बाद अधिकारियों ने प्रस्ताव शासन के पास भेज दिया लेकिन दो दिन में न तो शासन से ही कोई जवाब आया और न ही स्थानीय स्तर पर तैयारियों के क्रम में कुछ भी किया गया।
आगामी 27 दिसम्बर से ग्वालियर में तीन दिवसीय तानसेन समारोह आयोजित होना है। विधानसभा चुनावों के कारण पहले ही इस आयोजन की तैयारियां नहीं हो सकीं। अब सिर्फ पांच दिन शेष हैं लेकिन शासन अभी तक यह तय नहीं कर सका है कि अलंकरण दिया जाना है या नहीं। हालांकि शासन की ओर से अलंकरण नहीं दिए जाने का निर्णय लगभग हो चुका था। शासन ने घोषणा भी कर दी थी कि विधानसभा चुनावों के कारण अलंकरण के लिए अलंकृत किए जाने वाले कलाकार का नाम तय नहीं हो सका। हालांकि तीन दिन पूर्व जब स्थानीय आयोजन समिति की बैठक हुई तो समिति के अधिकांश पदाधिकारी इस बात पर सहमत हुए कि अलंकरण तो आगामी पांच दिन में भी तय किया जा सकता है। इस तरह बैठक में पास हुआ प्रस्ताव शासन को भेजे जाने की बात समिति के अध्यक्ष प्रभारी संभागायुक्त अखिलेश श्रीवास्तव ने कही थी। संभागायुक्त की ओर से यह प्रस्ताव शासन को उसी दिन भेज भी दिया गया था लेकिन संस्कृति विभाग के संचालक श्री राम तिवारी का कहना था कि उन्हें प्रस्ताव की जानकारी नहीं है।
प्रभारी संभागायुक्त श्री श्रीवास्तव का कहना है कि विगत दो दिवस में तानसेन समारोह को लेकर स्थानीय स्तर पर किसी भी तरह की तैयारी नहीं की जा सकी।
अलंकरण एवं तैयारियों के संबंध में शासन से आदेश प्राप्त होते ही तैयारियां आरंभ कर दी जाएंगी। ग्वालियर के संगीत प्रेमी इस बात को लेकर चिंतित हैं कि ग्वालियर में आयोजित होने वाला संगीत का महाकुंभ आरंभ होने में केवल पांच दिन शेष हैं जमीनी स्तर पर किसी भी तरह की तैयारियां नहीं हो सकी हैं यहां तक कि कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण तक आयोजकों ने नहीं किया है।

तानसेन समारोह की स्थानीय आयोजन समिति की बैठक में जो प्रस्ताव आए थे वह शासन को भेज दिए गए है। अभी तक शासन से किसी भी प्रकार का आदेश प्राप्त नहीं हुआ है। रविवार को शासन से जानकारी लेकर तैयारियों को आगे बढ़ाया जाएगा।
अखिलेश श्रीवास्तव
अपर आयुक्त ग्वालियर संभाग

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