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अनिवार्य मतदान पर आडवाणी ने किया मोदी का समर्थन

अनिवार्य मतदान पर आडवाणी ने किया मोदी का समर्थन

नई दिल्ली | अनिवार्य मतदान के मुद्दे पर भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने कहा कि इनमें से कोई नहीं विकल्प के साथ मतदान को अनिवार्य बनाया जाना चाहिए।
आडवाणी ने अपने ब्लाग में उच्चतम न्यायालय के उस सुक्षाव का स्वागत किया कि लोगों को नकारात्मक मतदान का अधिकार होना चाहिए। उन्होंने हालांकि इसके साथ कहा कि मतदान के प्रावधान को अनिवार्य बनाया जाना चाहिए।
आडवाणी ने कहा कि आज जो स्थिति है, वह मतदाता जो संविधान प्रदत्त अपना मत देने के बहुमूल्य अधिकार का बिना किसी वैध कारण के उपयोग नहीं करता है, अनचाहे ही सभी उम्मीदवारों के खिलाफ नकारात्मक वोट देता है।
उन्होंने कहा कि इसलिए मेरा मानना है कि नकारात्मक वोट अर्थपूर्ण होगा अगर इसके साथ ही मतदान को अनिवार्य बना दिया जाए। आडवाणी ने अनिवार्य मतदान पर सबसे पहले पहल करने का श्रेय गुजरात के मुख्यमंत्री को दिया। उन्होंने कहा कि भारत के एकमात्र राज्य जिसने इस दिशा में पहल की है, वह गुजरात है।
आडवाणी ने कहा कि नरेन्द्र मोदी के तहत विधानसभा ने दो बार अनिवार्य मतदान के पक्ष में वोट दिया, लेकिन विधेयक को न तो राज्यपाल और न ही नई दिल्ली की मंजूरी मिली। उन्होंने कहा कि दुनिया के 31 देशों में अनिवार्य मतदान का प्रावधान है लेकिन वास्तव में महज एक दर्जन देशों ने ही प्रतिरोधक प्रावधाव के साथ इसे लागू किया है।
भाजपा के वरिष्ठ नेता महसूस करते हैं कि उच्चतम न्यायालय के फैसले की प्रति और 31 देशों में इससे जुड़े कानून एवं नियमों की रिपोर्ट उपलब्ध कराते हुए चुनाव आयोग को इस पूरे मुद्दे पर सर्वदलीय बैठक बुलानी चाहिए। उच्चतम न्यायालय के इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन में एक और बटन इनमें से कोई नहीं जोड़ने की सलाह का जिक्र करते हुए आडवाणी ने कहा कि इसका आमतौर पर स्वागत किया गया है।

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