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अब हिजबुल ने किया अमरनाथ यात्रा का विरोध

अब हिजबुल ने किया अमरनाथ यात्रा का विरोध


$img_titleश्रीनगर, । ऑल पार्टी हुर्रियत कांफ्रेंस के कट्टरपंथी गुट के चेयरमैन सैयद अली शाह गिलानी के बाद हिजबुल मुजाहिद्दीन के आला कमांडर सैयद सलाहद्दीन ने भी अमरनाथ यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या पर एतराज जताया है। उसने कहा कि यह कश्मीर की मुस्लिम बहुसंख्यक आबादी को अल्पसंख्यक बनाने की साजिश है।गौरतलब है कि हिजबुल मुजाहिद्दीन जम्मू-कश्मीर में सक्रिय आतंकी गुटों में स्थानीय कैडर के आधार पर सबसे बड़ा आतंकी गुट है। गुलाम कश्मीर की राजधानी मुजफ्फराबाद से जारी अपने बयान में सलाहुद्दीन ने कहा कि पहले ही कश्मीर में तमाम बाहरी लोग जाली स्टेट सबजेक्ट के आधार पर बस गए हैं। उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली समेत देशभर से श्रमिकों को कश्मीर में धीरे-धीरे स्थायी तौर पर बसाया जा रहा है। इसी साजिश के तहत श्री अमरनाथ की यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बीते कुछ सालों में ही छह लाख से ऊपर पहुंचाई गई है। अब यात्रामार्ग पर पक्की सड़क और कुछ दूसरी इमारतों के निर्माण की साजिश की जा रही है।हिज्ब कमांडर ने कहा कि हम अमरनाथ यात्रा के खिलाफ नहीं हैं। यह हमारी परंपरा का हिस्सा है। पर जिस तरह से इस यात्रा को कश्मीरियों के हक-ए-आजादी आंदोलन के खिलाफ इस्तेमाल किया जा रहा है, वह हमें कुबूल नहीं है। यह यात्रा बहुत मुश्किल है, इसलिए कई यात्रियोंकी यात्रा के दौरान मौत स्वभाविक है। उन मौतों की आड़ में नई दिल्ली पर्यावरण को बिगाड़ने और बालटाल में बाहरी लोगों को स्थायी तौर पर बसाने की साजिश कर रही है।

पवित्र गुफा तक सड़क न बनी तो देशव्यापी आंदोलन: चावला

पंजाब की पूर्व मंत्री और समाज सेविका प्रो. लक्ष्मीकांता चावला ने कहा कि बाबा अमरनाथ यात्रा के श्रद्धालुओं को पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध नहीं करवाई गई और पवित्र गुफा तक स्थायी मार्ग का निर्माण नहीं हुआ तो कश्मीर से कन्याकुमारी तक 2008 जैसा आंदोलन होगा।वे रविवार को जम्मू में 2008 में अमरनाथ भूमि आंदोलन में मारे गए लोगों के परिवारों को सम्मानित करने के लिए आयोजित समारोह में मुख्य अतिथि थीं। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में कुछ राष्ट्रविरोधी तत्व हैं, जो राष्ट्र को नुकसान पहुंचाना चाहते हैं। अमरनाथ श्रद्धालुओं को पर्याप्त सुविधाएं न मिलने से हर वर्ष श्रद्धालुओं की मौत हो रही है। इस वर्ष भी करीब सौ श्रद्धालुओं की मौत हो गई है। हरिद्वार में कुंभ के दौरान सरकार आठ करोड़ लोगों को संभालती है तो क्या जम्मू कश्मीर में बाबा अमरनाथ यात्रा के लिए चार-पांच लाख यात्रियों को सुविधाएं उपलब्ध नहीं करवाई जा सकती? यात्रियों को पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध न कराना, साजिश का हिस्सा है ताकि यात्रियों की संख्या में कमी आए।



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