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लंदन से बेहतर था कॉमन वेल्थ गेम्स का खेलगांव

नई दिल्ली। भारतीय खेल मंत्री अजय माकन ने ट्वीट किया कि नई दिल्ली का कॉमन वेल्थ गेम्स का खेल गांव लंदन ओलंपिक के खेल गांव से कहीं बेहतर था। उन्होंने बताया कि लंदन ओलंपिक में हिस्सा लेने पहुंचे भारतीय एथलीट और कोचों का कहना है कि यहां दी जा रही सुविधाओं के मुकाबले कॉमन वेल्थ गेम्स के खेलगांव में अच्छी सुविधाएं दी गई थीं। भारत में 2010 में कॉमन वेल्थ खेलों के दौरान की गई व्यवस्था को विदेशी एथलीट द्वारा काफी निंदित किया गया था। जिस पर माकन ने टवीट किया कि लंदन ओलंपिक में हिस्सा ले रहे भारतीय एथलीट और कोच ने कहा कि भारत में सीडब्ल्यूजी के दौरान दी गई सुविधाएं यहा की सुविधाओं से ज्यादा बेहतर थी।

लंदन ओलंपिक के गांव में रह रहे प्रतिभागियों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वहां पर चार प्रवक्ताओं को एक ही टॉयलेट से काम चलाना पड़ रहा है। और कभी कभी हालत यह हो जाती है कि एक टॉयलेट 6 एथलीट द्वारा प्रयोग किया जाता है। लंदन ओलंपिक में हिस्सेदार एक भारतीय अधिकारी ने कहा कि यह बहुत अजीब है कि इतने बड़े कार्यक्रम में प्रतिभागियों को ऐसे हालात का सामना करना पड़ रहा है। यह एक छोटा सी बात हो सकती पर इससे एथलीट बहुत परेशान हैं। एक भारतीय निशानेबाज ने कहा कि वह हमें एक फ्लैट ऐसा नही दे सकते जिसमें एक से अधिक टॉयलेट हो तो जो हमारे पास है हमें उसी से काम चलाना पड़ रहा है लेकिन प्रतियोगिता के समय यह एक बड़ी परेशानी बन सकता है। एक भारतीय बॉक्सर जिन्होंने सी डब्ल्यूजी में भी भाग लिया था, ने बताया कि नई दिल्ली के खेल गांव में दी गई सुविधाएं यहां की सुविधाओं से कहीं बेहतर थी। उन्होंने कहा कि कॉमनवेल्थ गेम्स के खिलाड़ियों को टॉयलेट के लिए लाइन नहीं लगानी पड़ती थी जैसे यहां पर लगानी पड़ती है।



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