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तापमान फिर पहुंचा 37 डिग्री के पार, रात में हुई बूंदाबांदी से बढ़ी उमस

तापमान फिर पहुंचा 37 डिग्री के पार, रात में हुई बूंदाबांदी से बढ़ी उमस


ग्वालियर|
'ऐसी गर्मी पहले कभी नहीं देखी। इन दिनों हर कोई यही कह रहा है। कहेगा भी क्यों नहीं। महीना $img_titleश्रावण का है और गर्मी ज्येष्ठ माह का अहसास करा रही है। सूरज आग उगल रहे हैं और भीषण उमस पसीना निकाल रही है, जबकि इन दिनों चहुंओर फुहारी बारिश की बहार होना चाहिए थी। मौसम के जानकारों की मानें, तो फिलहाल झमाझम बारिश के आसार भी नहीं हैं। कारण, बंगाल की खाड़ी से आया मानसूनी सिस्टम सतना के पास पहुंचते ही ढेर हो गया इसलिए फिलहाल अंचल में लोकलाइट बादलों से छुटपुट बारिश की ही संभावना है। यहां बता दें कि हाल ही में बंगाल की खाड़ी में उड़ीसा पोस्ट पर एक मानसूनी सिस्टम (कम दवाब का क्षेत्र) बना था, जहां से इस सिस्टम ने गतिमान होकर मध्य प्रदेश में प्रवेश भी किया और इसके फलस्वरूप पूर्वी मध्य प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में बारिश भी हुई। सतना और सागर होते हुए सोमवार तक इस सिस्टम के गुना के पास पहुंचने की संभावना थी, लेकिन यह सिस्टम सतना के पास ही समाप्त हो गया। इसी के साथ ग्वालियर और चम्बल अंचल में फिलहाल अच्छी बारिश की संभावना कम है। मौसम विज्ञान केन्द्र ग्वालियर के प्रभारी उमाशंकर चौकसे का कहना है कि आगामी दिनों में बंगाल की खाड़ी में कोई नया मानसूनी सिस्टम बनेगा, उसके बाद ही अंचल में अच्छी बारिश की संभावना बनेगी। लेकिन फिलहाल लोकलाइट बादलों की आवाजाही के साथ हल्की-फुल्की बारिश की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है।
यहां बता दें कि एक दिन की राहत के बाद सोमवार को अंचलवासियों को एक बार फिर भीषण गर्मी का सामना करना पड़ा। गुजरे 21 जुलाई शनिवार को दिन भर बादल छाए रहने तथा रिमझिम बारिश होने के फलस्वरूप अधिकतम पारा सरक कर 32.6 डिग्री पर आ गया था। इसके बाद 22 जुलाई रविवार को भी सुबह से दोपहर तक बादल छाए रहे और रिमझिम बारिश भी हुई, किन्तु दोपहर बाद आसमान साफ हो जाने से पारा बढ़कर 35.0 डिग्री पर जा पहुंचा था। हालांकि सोमवार को भी आसमान में बादल तो दिन भर छाए रहे, किन्तु बादल बिखरे हुए होने के कारण सूरज के तेवर दिन भर तल्ख बने रहे। इस कारण लोगों को तेज धूप के साथ भीषण उमस का सामना करना पड़ा। अत: सूरज की तपन और वतावरण में घुली भीषण उमस के चलते अधिकत तापमान एक बार फिर ऊँची छलांग लगाता हुआ 37.2 डिग्री पर जा पहुंचा, जो अपने औसत स्तर से 4.1 और गतरोज से 2.2 डिग्री अधिक है, जबकि न्यूनतम तापमान 0.1 डिग्री की मामूली बढ़त के साथ 27.9 डिग्री पर दर्ज हुआ, जो अपने औसत स्तर से 2.3 डिग्री अधिक है। इसी प्रकार प्रात: की आर्द्रता 53 प्रतिशत रही, जो शाम को बढ़कर 66 प्रतिशत हो गई सोमवार को दिन भर की भीषण तपन के बाद रात 10:30 बजे के बाद आसमान में घुमड़ रहे बादलों का घनत्व बढऩा शुरू हो गया और रात्रि 10:45 बजे के बाद ग्वालियर शहर सहित आसपास के क्षेत्रों में रिमझिम बूंदाबांदी होने लगी, जो देर रात्रि तक जारी रही। इसके बाद लोगों को भीषण गर्मी से आंशिक राहत मिली। मौसम विज्ञानी उमाशंकर चौकसे का कहना है कि आगामी 24 घण्टे के दौरान भी अंचल में बादलों की आवाजाही के साथ गरज-चमक के साथ छुटपुट बारिश होने की भी संभावना है। 

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