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अन्ना ने बदला रुख,कल से बैठेगे धरने पर

अन्ना ने बदला रुख,कल से बैठेगे धरने पर

नई दिल्ली | गांधीवादी कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने अपने पूर्व के रुख के विपरी$img_titleत मंगलवार को कहा कि वह बुधवार से अपनी टीम के साथ अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठेंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने तीन-चार दिन में उनकी मांगें नहीं मानीं तो ‘जेल भरो’ आंदोलन शुरू किया जाएगा। अन्ना के घनिष्ठ सहयोगी अरविन्द केजरीवाल ने आज दोपहर बाद ट्वीट किया, ‘अन्ना दिल्ली पहुंच गए हैं। उनका कहना है कि वह भी अनशन करेंगे।’ टीम अन्ना के एक प्रवक्ता ने कहा कि हजारे अपनी टीम के केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और गोपाल राय के साथ अनशन पर बैठेंगे। इससे पूर्व हजारे ने घोषणा की थी कि वह स्वास्थ्य कारणों से अनशन पर नहीं बैठेंगे और मंत्रियों के खिलाफ आरोपों की जांच के लिए विशेष जांच टीम गठित किए जाने, सांसदों के खिलाफ मुकदमों के लिए फास्ट ट्रैक अदालत स्थापित किए जाने तथा मजबूत लोकपाल विधेयक लाए जाने की मांगों को लेकर उनकी टीम के तीन सदस्य अनशन करेंगे। इस फैसले के पलटे जाने से प्रतीत होता है कि यह सरकार पर दबाव बनाने और जंतर मंतर पर समर्थन जुटाने के लिए टीम अन्ना की रणनीति का हिस्सा है। इससे पहले अन्ना हजारे ने एक वीडियो संदेश के जरिए सरकार से कहा कि वह उनकी मांगों पर तीन-चार दिन में फैसला करें। अन्ना ने अपने वीडियो संदेश में कहा कि देखते हैं कि सरकार अनशन के दौरान क्या करती है। यदि सरकार (हमारे द्वारा उठाई गई मांगों पर) आंदोलन के तीन-चार दिन में कोई फैसला नहीं करती तो मैं देशभर के लोगों से जेल भरो आंदोलन के लिए कहूंगा। उन्होंने कहा कि देश में कोई भी जेल खाली नहीं रहनी चाहिए। अन्नान हजारे ने यह भी कहा कि देश की खातिर जेल जाना आपके लिए सम्मान की बात है। अन्ना ने कहा कि लोगों को इस आंदोलन को आजादी की दूसरी लड़ाई के रूप में लेना चाहिए क्योंकि सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ या मजबूत लोकपाल विधेयक लाने के लिए ‘कुछ नहीं कर रही है।’ गांधीवादी कार्यकर्ता ने अपने रिकॉर्डेड संदेश में कहा कि वे (सरकार) लोकपाल विधेयक क्यों नहीं ला रहे। कारण 35 में से 15 मंत्री भ्रष्टाचार के आरोपों का सामना कर रहे हैं। उनकी जांच कीजिए। यदि दोषी पाए जाते हैं तो उन्हें दंड दीजिए। लेकिन सरकार ऐसा करने की इच्छा नहीं रखती। अब हमारे पास (आंदोलन करने का) एक ही रास्ता बचा है।

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