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थाना ऐसा कि पर्यटन स्थल को भुला दे

थाना ऐसा कि पर्यटन स्थल को भुला दे

पड़ाव थाने की इमारत को दर्शनीय बनाया

ग्वालियर।
आम लोगों में भले ही पुलिस की छवि ठीक नहीं हो और पुलिसकर्मियों के व्य$img_titleवहार को लेकर हर समय शिकायत करते देखें जा सकते हैं। इनमें आम शिकायत थाने के खराब वातावरण की रहती है। मगर शहर पुलिस अपनी छवि को बदलने में जुट गई है।
इसकी शुरूआत पड़ाव थाने से की गई है। करीब एक सदी पुरानी पुरातत्व महत्व की थाने की इमारत को बहुत सुंदर तरीके से सजाया संवारा गया है। इसे देखकर लगता है कि जैसे यह कोई पर्यटन स्थल है। इसके साथ जनकगंज थाना परिसर के एक बहुत बड़े हिस्से में कबाड़ा भरा हुआ रहता था उसकी सफाई कराने के बाद वहां बैडमिंटन खेलने की व्यवस्था की गई है।
मनोवैज्ञानिकों के अनुसार मनुष्य जिस तरह का व्यवहार करता है वह उसके आसपास के वातावरण की प्रतिक्रिया होती है। इस संदर्भ में पुलिस थानों से ज्यादा खराब उदाहरण कोई नहीं हो सकता। तय समय से अधिक देर तक नौकरी करते हुए पुलिसकर्मी तनाव के शिकार हो जाते हैं और उनका यह तनाव आम जन को भुगतना पड़ता है।
शहर में स्थित पुलिस थानों में ऐसा पहली बार हो रहा है कि पुलिस खुद को बदलने की शुरुआत थाने से ही कर रही है। पुरातत्व महत्व की पड़ाव थाना इमारत के सौन्दर्यीकरण के लिए थाना प्रभारी हरिओम शर्मा ने बहुत सुंदर रंग कराया है। पहले सफेद चूने से पुतने वाली इमारत पर अब अनेक प्रकार के रंगों का प्रयोग किया गया है जो इसे किसी पर्यटन स्थल की तरह सुंदरता प्रदान कर रहे हैं।
पुलिसकर्मियों ने वेतन में से दिया खर्च
पड़ाव थाना प्रभारी श्री शर्मा का कहना है कि जब उन्होंने कार्यभार संभाला था तब थाना परिसर किसी कबाडख़ाने जैसा था। इस तरह के माहौल में दिन रात काम करने वाले पुलिसकर्मियों से अच्छे व्यवहार की उम्मीद कैसे की जा सकती है। थाने की छत व दीवार अनेक जगह जर्जर हालत में थी। इसे सुधरवाने के बाद इमारत की आकर्षक ढंग से पुताई कराई गई। साफ सफाई व सुंदरता भरे माहौल में पुलिसकर्मी काम करेगें तो निश्चित ही आम जनता के साथ वे दोस्ताना तरीके से पेश आएंगे।
थाने के कर्मचारियों ने एक-एक दिन का वेतन तथा अधिकारियों ने दो दिन का वेतन इस कार्य में लगाया साथ ही आमजन ने भी इस कार्य में सहयोग देकर इसे पूरा कराया। जब से थाने का कायाकल्प हुआ है यहां पदस्थ स्टाफ में काफी परिवर्तन आया है हर आने वाले फरियादी को ध्यान पूर्वक सुना जा रहा है।
गंदगी को हटाकर खेल मैदान बनाया
इसी क्रम में जनकगंज में थाना प्रभारी निर्मल जैन ने थाना परिसर के बड़े हिस्से पर रखे जब्ती के वाहनों तथा अन्य प्रकार की गंदगी को साफ कराकर वहां खेल का मैदान बनवाया है। अब यहां बैडमिंटन व वॉलीबाल का कोर्ट बन गया है। उनका मानना है कि खेल से शरीर व मन दोनों स्वस्थ रहते हैं जो पुलिसकर्मियों के लिए बहुत जरूरी हैं।
इसके साथ ही थाने की दीवारों पर जगह-जगह अच्छे व्यवहार व आचरण के लिए उपदेश लिखवा कर पुलिसकर्मियों के स्वभाव में परिवर्तन लाने की पहल की है। उनका मानना है दिन-रात यहां काम करने वाले कर्मचारी अपने सामने जब इन उपदेशों को बार-बार देखेगें तो निश्चित ही उनके व्यवहार में अंतर दिखाई देगा।
जितने दिन की छुट्टी, उतने पेड़
पुलिसकर्मियों के स्वभाव में नम्रता लाने के लिए थाना प्रभारी ने नियम बनाया है जो भी जवान छुट्टी का आवेदन जितने दिन का लगाएगा उसे उतने ही पेड़ थाने में लगाने होंगे। साथ ही उसे उनका पूरा ध्यान भी रखना होगा।



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